Morena: मृतकों को कागजों में जिंदा दिखाकर निकाली मजदूरी! ग्राम इमलिया में भ्रष्टाचार के आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग
मृतकों को कागजों में जिंदा दिखाकर निकाली मजदूरी
रिपोर्ट – मनोज शर्मा
Morena News: मुरैना जिले के ग्राम पंचायत इमलिया में मनरेगा और वित्त आयोग की मद से कराए गए विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुरैना को शिकायत सौंपकर पंचायत के विकास कार्यों, मजदूरी भुगतान और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
शिकायतकर्ता अमर सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ग्राम पंचायत को विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत सरकारी राशि में अनियमितता की गई. शिकायत में सरपंच और जिम्मेदार लोगों पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशि निकालने के आरोप लगाए गए हैं.
मजदूरी राशि के आहरण का मामला
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मृत व्यक्तियों के नाम से मजदूरी राशि के आहरण का है. ग्रामीणों का दावा है कि दिलीप पिता मोतीराम का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका है, इसके बावजूद पंचायत के दस्तावेजों में उसका नाम दर्ज कर उसके नाम से राशि निकाली गई.
इसी तरह शिकायत में गुड्डी उर्फ लक्ष्मी पत्नी ठकुरी सिंह का मामला भी सामने रखा गया है. ग्रामीणों के अनुसार, उनका भी करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका है, लेकिन पंचायत के रिकॉर्ड में उन्हें जीवित दर्शाकर उनके नाम से कथित रूप से राशि का आहरण किया गया.
दस्तावेजों की हेरफेर के भी आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र और जॉब कार्ड सहित पंचायत के दस्तावेजों में कथित हेरफेर किया गया. कुछ विकास कार्यों को कागजों में पूर्ण दर्शाए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जबकि मौके पर कार्य अधूरे या अस्तित्वहीन बताए जा रहे हैं.
ग्रामीणों ने पंचनामा तैयार कर शिकायत जिला कलेक्टर को सौंपते हुए पंचायत के सभी विकास कार्यों, मनरेगा भुगतान, जॉब कार्ड, मस्टर रोल और वित्तीय रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी. अब मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है.
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