‘मौत से पहले हर दिन घुटती है पीड़िता, फिर चरित्र पर उंगली उठाते हैं’, ट्विशा शर्मा केस पर बोलीं हर्षा रिछारिया

हर्षा रिछारिया ने कहा, 'जो इंसान मौत को गले लगाता है, वह उससे पहले हर दिन मर रहा होता है, हर दिन घुट रहा होता है. फिर आखिरी में जान दे देता है. मौत से पहले पीड़िता हर दिन घुटती है. फिर मौत के बाद परिजनों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है. न्याय के लिए माता-पिता को दूसरी जंग लड़नी पड़ती है.'
Harsha Richaria got furious at Twisha Sharma's in-laws.

हर्षा रिछारिया ने ट्विशा शर्मा के ससुराल वालों पर जमकर भड़कीं.

Harsha Richariya on Twisha Sharma Case: भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के 9 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका है. ट्विशा की डेड बॉडी अभी भी भोपाल एम्स के मर्चुरी में पड़ी है. पुलिस ने बॉडी के डिकंपोज होने की बात कही है. लेकिन परिवार वालों की मांग है कि दोबारा पोस्टमार्टम किया जाए, जब तक दोबारा पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. हालांकि कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया है. वहीं पूरे मामले पर अब हर्षा रिछारिया की प्रतिक्रिया आई है. हर्षा रिछारिया ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा है कि किसी पुरुष के साथ एकाध घटना होती है, तो पूरा समाज आ जाता है. लेकिन महिलाओं के साथ हर दिन घटनाएं हो रही हैं. हाल ही के समय में ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे तीन मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है.’

‘मौत से पहले हर दिन घुटती है पीड़िता’

हर्षा रिछारिया ने कहा, ‘जो इंसान मौत को गले लगाता है, वह उससे पहले हर दिन मर रहा होता है, हर दिन घुट रहा होता है. फिर आखिरी में जान दे देता है. मौत से पहले पीड़िता हर दिन घुटती है. फिर मौत के बाद परिजनों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है. न्याय के लिए माता-पिता को दूसरी जंग लड़नी पड़ती है.’

रिछारिया ने दहेज प्रथा को बहुओं की मौत का बड़ा कारण बताया है. हर्षा रिछारिया ने कहा, ‘हाल ही के समय में ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे तीन मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है. पुरुष बोलते हैं उनके साथ गलत हुआ. अरे तुमको क्या है, शादी में दहेज के बाद सबकुछ मिल जाता है.’

‘पीड़िता की मौत के बाद ससुराल चरित्र पर उंगली उठाता है’

हर्षा रिछारिया ने कहा कि पीड़िता की मौत के बाद भी उसे नहीं छोड़ा जाता है. चरित्र पर उंगली उठाई जाती है. उन्होंने कहा, ‘पीड़िता की मौत के बाद उसके चरित्र, परवरिश और परिवार पर सवाल उठाकर बदनाम करने की कोशिश की जाती है. ये पीड़िता को दूसरी सजा है, जो मृतक के परिवार को झेलनी पड़ती है.’

बता दें 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उसके ससुराल में फांसी के फंदे पर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला था. ट्विशा के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर हत्या केस दर्ज किया. हालांकि गिरिबाला सिंह को उनकी उम्र के आधार पर अग्रिम जमानत दे दी गई है. जबकि आरोपी पति समर्थ सिंह फरार है, जिस पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. वहीं दोबारा पोस्टमार्टम करवाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने हाई कोर्ट जाने का ऐलान किया है.

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