Harsha Richhariya: साध्वी हर्षा रिछारिया ने जबलपुर के गौरीघाट पर 11 दिवसीय एकांतवास का आरंभ कर दिया है. मौन व्रत रहकर वे 15 जून तक एकांत साधना करेंगी. इसके पीछे हर्षानंद गिरि ने अहम वजह बताई है.
हर्षा रिछारिया ने कहा, 'जो इंसान मौत को गले लगाता है, वह उससे पहले हर दिन मर रहा होता है, हर दिन घुट रहा होता है. फिर आखिरी में जान दे देता है. मौत से पहले पीड़िता हर दिन घुटती है. फिर मौत के बाद परिजनों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है. न्याय के लिए माता-पिता को दूसरी जंग लड़नी पड़ती है.'
Harsha Richhariya: उज्जैन के मंगलनाथ स्थित मौन तीर्थ में उन्होंने खुद का पिंडदान किया और हर्षा से हर्षानंदगिरी बन गईं. उन्होंने कहा कि अब जीवन भर इसी वेश में रहूंगी. उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरी महाराज ने दीक्षा दी है.
MP News: हर्षा रिझारिया ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी खुद को साध्वी नहीं बताया. उनका कहना है कि केवल भगवा वस्त्र धारण कर लेने से कोई साधु या साध्वी नहीं बन जाता है.
Harsha Richhariya: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया को मुस्लिम युवक असलम पठान ने ई-मेल करके शादी का प्रस्ताव दिया. हर्षा ने इसका करारा जवाब युवक को दिया है. जवाब देते हुए लिखा, 'तो यह मेल मैंने आज सुबह देखा, सबसे पहले तो इस बंदे की हिम्मत की तारीफ करनी चाहिए कि उसने ये भेजा भी तो किसको भेजा
Harsha Richhariya: महाकुंभ 2025 से चर्चाओं में छाई हर्षा रिछारिया पदयात्रा पर निकल गई हैं. उन्होंने सनातनी युवाओं को जोड़ने के लिए वृंदावन से यह यात्रा शुरू की है, जो संभल में खत्म होगी.
Harsha Richhariya: महाकुंभ की वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया ने होली भाई दूज का पर्व संभल जाकर मनाने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि मैंने विचार किया है कि होली भाई दूज पर संभल जाउंगी और यहां अपने सनातनी भाईयों को तिलक लगाउंगी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भगवा वस्त्र केवल उन लोगों को पहनने का अधिकार होना चाहिए, जिन्होंने संन्यास की दीक्षा ली है.