MP News: इंदौर दूषित पानी मामले में हटाए गए थे IAS दिलीप यादव, 16 दिन के भीतर बनाया पर्यटन विकास निगम का MD
आईएएस दिलीप यादव
MP News: मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ होगा कि जब 24 लोगों की मौत हो गई और एक अधिकारी को हटाया गया और फिर महज 16 दिन के भीतर उसका पुनर्वास हो गया. इसके साथ ही उन्हें तरक्की भी मिल गई. मध्य प्रदेश के कई मुख्यमंत्री रहे लेकिन उस दौरान किसी भी अधिकारी को हटाया गया तो तत्काल प्रमोशन या फिर पोस्टिंग नहीं मिली. ऐसा संभवतः पहली बार हो रहा है कि दिलीप यादव को इंदौर त्रासदी के मामले में हटाया गया. 16 दिन के बाद ही उन्हें पर्यटन विकास निगम का एमडी बना दिया गया. यह बात अब प्रदेश के किसी भी राजनीतिक दल या फिर संगठन को हजम नहीं हो रही है कि आखिर क्या वजह रही कि दिलीप यादव को इतना जल्द प्रमोशन मिल गया और उनकी पोस्टिंग हो गई.
इंदौर में आयुक्त दिलीप यादव को पद से हटाया
बता दें कि इंदौर की घटना के बाद तत्काल इंदौर में पदस्थ रहे आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे दिलीप यादव को हटा दिया गया इसके साथ कई और अधिकारियों को हटाया गया लेकिन दिलीप यादव का ही सबसे पहले प्रमोशन हो गया जबकि इस मामले में एफआईआर करने की मांग कांग्रेस कर रही थी. फिर भी किसी भी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया. इधर असर यह हुआ कि दिलीप यादव का प्रमोशन हो गया.
कल देर शाम 26 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की सूची जारी हुई जिसमें से दिलीप कुमार यादव के प्रमोशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्या वजह हुई कि दिलीप यादव को इतना जल्दी प्रमोट कर दिया गया, जबकि उनके कार्यकाल में रहते हुए इंदौर में लोगों को दूषित पानी पीना पड़ा और जिसकी वजह से 24 लोगों की मौत हुई.
मंत्रियों ने की थी कार्रवाई की मांग
इस मामले में सरकार की कई मंत्रियों ने भी कार्रवाई करने की मांग की थी. फिर भी दिलीप यादव को प्रमोशन दिया गया यह बात मंत्रालय की कई अधिकारियों को भी हजम नहीं हो रही है. प्रदेश की कई ऐसे मामले रहे और घटनाक्रम रहे जिसमें अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और उन्हें कई सालों तक पोस्टिंग नहीं मिली लेकिन दिलीप यादव के मामले में कुछ उल्टा हुआ. 16 दिन के भीतर ही उनका पुनर्वास हो गया.
शोभित जैन कई सालों तक मंत्रालय से रहे दूर
खनिज विभाग की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ आलोक कुमार सिंह देखेंगे. उनकी जिम्मेदारी ट्रांसफर के साथ बढ़ा दी गई है. वहीं कल जारी हुई सूची में सबसे चर्चित नाम शोभित जैन का भी रहा है. शोभित जैन दुग्ध संघ में रहते हुए विवादों में आए थे. जिसके बाद कई सालों तक सरकार ने उन्हें मंत्रालय में पदस्थ नहीं किया.
हालांकि कई अलग-अलग जिलों में उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई लेकिन शोभित जैन को मंत्रालय आने में कई साल लग गए. इसी तरीके से उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव खनिज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उन्हें सरकार ने पशुपालन विभाग में प्रमुख सचिव बना दिया. इधर एक अधिकारी ऐसे भी हैं जिनकी प्रमुख सचिव से ना बनने की वजह से ट्रांसफर कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त तरूण राठी को भी हटाते हुए आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ किया गया है.
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