इंदौर में कुत्ते का आतंक! 10 घंटे में 42 लोगों को काटा, नगर निगम की टीम से मांगी मदद, जबाव मिला- अतिक्रमण हटा रहे

Indore News: बताया जा रहा है कि डॉग सुबह 9 बजे अरबिंदो अस्पताल पहुंचा, यहां उसने 16 लोगों पर हमला किया. कैंसर अस्पताल की ओर जाकर डॉग ने दो महिला डॉक्टर, नर्स, मरीज, स्टूडेंट्स, अटेंडर्स और सिक्योरिटी गार्ड को निशाना बनाया.
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इंदौर: स्ट्रीट डॉग ने 10 घंटे में 42 लोगों को निशाना बनाया

Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार (5 जून) को कुत्ते का आतंक देखने को मिला. शहर के अरबिंदो अस्पताल से लेकर रेनेसां कॉलेज के तकरीबन 8 किमी के दायरे में एक स्ट्रीट डॉग ने 42 लोगों को अपना शिकार बनाया. डॉग बाइट के शिकार लोगों का अरबिंदो हॉस्पिटल और आसपास के क्लिनिक में इलाज करवाया गया.

खुद का बचाव करते नजर आए लोग

बताया जा रहा है कि डॉग सुबह 9 बजे अरबिंदो अस्पताल पहुंचा, यहां उसने 16 लोगों पर हमला किया. कैंसर अस्पताल की ओर जाकर डॉग ने दो महिला डॉक्टर, नर्स, मरीज, स्टूडेंट्स, अटेंडर्स और सिक्योरिटी गार्ड को निशाना बनाया. नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक यहां लोग कुत्ते से बचते नजर आए.

अस्पताल से भागने के बाद डॉग ग्राम बरदरी और रेवती रेंज पहुंचा. जहां उसने ग्रामीणों पर हमला किया. इसके बाद 8 किमी दूर रेनसां कॉलेज पहुंचा जहां उसने हमला करके 3 लोगों को घायल कर दिया. 26 लोगों को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया.

नगर निगम टीम – अतिक्रमण हटा रहे

इस पूरे मामले में नगर निगम की लापरवाही सामने आई. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अरबिंदो अस्पताल के प्रबंधक डॉ नीरज सेन ने बताया कि उन्होंने 4 बार नगर निगम कंट्रोल रूम को इस बारे में सूचना दी गई. डॉग स्क्वॉड टीम को भेजने के लिए गुहार लगाई. उनका जवाब आया कि हमारी टीम मल्हारगंज क्षेत्र से अतिक्रमण हटा रही है. अभी नहीं आ पाएंगे.

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

  • सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई को आवारा कुत्तों को लेकर अहम फैसला दिया था. डॉग लवर्स की याचिका खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा था कि देशभर में स्ट्रीट डॉग्स के काटने की घटनाओं को उच्चतम न्यायालय अनदेखा नहीं कर सकता है.
  • इनकी बढ़ती आबादी के हिसाब से शेल्टर होम और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाए जो अब तक नहीं हो पाया है.
  • SC ने कहा था कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण जरूरी है. नगर निगमों डॉग्स को पकड़कर ये काम करे.
  • रेबीज से संक्रमित डॉग्स वापस नहीं छोड़े जाएं. उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए लेकिन कहीं भी इसका पालन नहीं हो रहा है.

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