मऊगंज: नईगढ़ी में एक करोड़ 47 लाख के विवाह घर की खुली पोल, बनने से पहले ही भरभराकर गिरे 6 पिलर और दीवार
भरभराकर गिरे 6 पिलर और दीवार
Mauganj News: मऊगंज जिले के नईगढ़ी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8 में एक करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन सर्वसुविधायुक्त विवाह घर का बड़ा हिस्सा बारिश के बाद धराशायी हो गया. करीब छह पिलर और दीवार के गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. गनीमत रही कि हादसे के समय मौके पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई.
निर्माणाधीन भवन का हिस्सा अचानक ढहा
जानकारी के अनुसार नईगढ़ी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8 में करीब एक करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से विवाह घर का निर्माण कराया जा रहा है. पिछले एक साल से अधिक समय से दिनेश मिश्रा कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्माण कार्य चल रहा था. शुक्रवार देर रात हुई बारिश के बाद निर्माणाधीन भवन का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा. बताया जा रहा है कि हादसे में करीब छह पिलर के साथ दीवार भी धराशायी हुई है.
निर्माणाधीन भवन के इस तरह गिरने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भवन का हिस्सा गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, सीमेंट, सरिया, गिट्टी और अन्य तकनीकी मानकों की जांच कराने की मांग उठाई है.
पहले ही गुणवत्ता पर उठ चुके थे सवाल
नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेश कुमार सोनवानी ने बताया कि उनकी हाल ही में नईगढ़ी में पदस्थापना हुई है. निरीक्षण के दौरान उन्हें निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं लगी थी. गुणवत्ता को लेकर उन्होंने संयुक्त संचालक रीवा को पत्र भेजकर जांच की मांग भी की थी.
अब निर्माणाधीन भवन का हिस्सा गिरने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. सीएमओ के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निर्माण की जांच कराई जाएगी. जांच में यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
पार्षद ने उठाई सभी निर्माण कार्यों की जांच की मांग
नगर परिषद के पार्षद महेश प्रसाद पटेल ने नगर परिषद क्षेत्र में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि नगर परिषद के कई निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं. उन्होंने विवाह घर के साथ नगर परिषद के अन्य निर्माण कार्यों की भी तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि निर्माण कार्यों की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सके.
कांग्रेस नेता ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी कमलेश पटेल ने निर्माणाधीन भवन के गिरने को गंभीर मामला बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान तकनीकी मापदंडों का उचित ध्यान नहीं रखा गया. उनके मुताबिक गुणवत्ता में कमी के कारण ही भवन का हिस्सा बारिश के बाद धराशायी हुआ है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.
उपयंत्री और कार्यपालन यंत्री से संपर्क नहीं
मामले में जब उपयंत्री अनिल मिश्रा और नगरीय प्रशासन के कार्यपालन यंत्री हरिशंकर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी. वहीं संबंधित ठेकेदार का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिला. ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भवन के हिस्से के गिरने के कारणों को लेकर सवाल और गहरा गए हैं.
कलेक्टर ने दिए तकनीकी जांच के संकेत
मामले को लेकर कलेक्टर संजय कुमार जैन ने तकनीकी जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की बात कही है. अब सबकी निगाहें तकनीकी जांच पर टिकी हैं कि आखिर करोड़ों रुपए की लागत से बन रहे विवाह घर का निर्माणाधीन हिस्सा बारिश के बाद ही क्यों धराशायी हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.
सवालों के घेरे में करोड़ों का निर्माण
एक करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस विवाह घर का हिस्सा निर्माण पूरा होने से पहले ही गिर जाना नगर परिषद के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल है. सरकारी राशि से तैयार हो रहे भवन में यदि निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है. अब तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि भवन गिरने की वजह केवल बारिश थी या फिर निर्माण में बरती गई कथित लापरवाही भी इसकी बड़ी वजह बनी.
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