फायर सेफ्टी में लापरवाही पड़ी भारी, इंदौर में 16 प्रतिष्ठानों पर निगम का ताला, होटल-मॉल तक हुए सील
होटल और मॉल हुए सील
Indore News: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ रहा है. नगर निगम, फायर विभाग और भवन अनुज्ञा शाखा की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार को 16 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की गई. जांच के दौरान कई ऐसी गंभीर खामियां सामने आईं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थीं. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर चला निगम का डंडा
इंदौर नगर निगम ने शहरभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 10 होटल, 4 व्यावसायिक भवन, 1 रेस्टोरेंट और 1 मॉल सहित कुल 16 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया. इन सभी प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस जारी कर सुधार का अवसर दिया गया था, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ताला जड़ दिया.
निरीक्षण में सामने आईं हैरान करने वाली खामियां
संयुक्त निरीक्षण टीम को कई प्रतिष्ठानों में गंभीर लापरवाही मिली. कहीं बेसमेंट में अवैध रूप से किचन संचालित हो रहा था, तो कहीं छत पर मैस चलाई जा रही थी. कई भवनों में अग्निशमन उपकरण मौजूद ही नहीं थे, और जहां थे भी वहां वे खराब हालत में पाए गए. ऐसी खामियां किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे को जन्म दे सकती थीं.
चर्चित प्रतिष्ठान भी कार्रवाई की जद में आए
प्रशासन की कार्रवाई में कई प्रमुख प्रतिष्ठानों के नाम शामिल हैं. इनमें मंगल सिटी मॉल, होटल अशोका, होटल चंद्रलोक, सूकून रेस्टोरेंट एंड होटल, होटल बीआर ग्रीन, त्रिवाना होटल और होटल सनशाइन शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा या चर्चित क्यों न हो.
अब तक 32 भवनों पर लग चुका है ताला
फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 32 भवनों को सील किया जा चुका है. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कलेक्टर की दो टूक चेतावनी
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि सभी व्यावसायिक भवनों में फायर सिस्टम और सुरक्षित निकासी व्यवस्था अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि पर्याप्त समय और चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई है. साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने भवनों के फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र की जांच करें और किसी भी कमी की जानकारी प्रशासन को दें.
सुरक्षा पूरी होने पर ही मिलेगी राहत
नगर निगम और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सील किए गए प्रतिष्ठानों को तब तक दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक वे सभी फायर सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेते. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है.
इंदौर प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ नियम तोड़ने वालों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे शहर को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश भी है. फायर सेफ्टी में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. ऐसे में प्रशासन का यह सख्त रुख आने वाले समय में शहर को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
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