DAP के नाम पर नकली खाद का आरोप, बड़वानी में किसान बोरी लेकर जनसुनवाई पहुंचा; कार्रवाई की मांग
बड़वानी में नकली खाद का आरोप लगाकर जनसुनवाई में बोरियां लेकर पहुंचे.
Input- सचिन राठौर
Barwani News: बड़वानी में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों पर सवाल उठ गए हैं. एक किसान कथित नकली खाद की बोरी लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा. उसने प्रशासन को आवेदन देकर आरोप लगाया कि उसे डीएपी (DAP) खाद के नाम पर संदिग्ध गुणवत्ता वाला उत्पाद दिया गया है, जिससे उसकी फसल को नुकसान होने की आशंका है.
‘निर्धारित प्रक्रिया के तहत DAP खरीदी थी’
शिकायतकर्ता की पहचान ग्राम छिवाला, तहसील पाटी निवासी प्रेमसिंह पिता लक्ष्मण के रूप में हुई है. प्रेमसिंह ने बताया कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत टोकन प्राप्त कर सहकारी समिति से डीएपी खाद खरीदा था. हालांकि, बोरी पर अंकित जानकारी और खाद की गुणवत्ता को देखकर उन्हें संदेह हुआ कि यह असली डीएपी नहीं है. किसान के अनुसार, खाद का उपयोग करने के बाद भी खेतों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका है.
जनसुनवाई के दौरान किसान ने खाद की बोरी और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए. उन्होंने मांग की है कि इस खाद का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए. यदि परीक्षण में खाद नकली या निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार आपूर्तिकर्ता, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
किसानों ने सैंपलिंग अभियान की मांग की
प्रेमसिंह ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को घटिया या नकली खाद मिलने से कृषि उत्पादन पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा. उन्होंने प्रशासन से जिले में वितरित हो रही खाद की व्यापक जांच कराने और अन्य किसानों के हितों की रक्षा के लिए सैंपलिंग अभियान चलाने का भी आग्रह किया है.जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद, प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है.
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