‘शादी कर ली, अब पति के साथ ही रहना चाहती हूं..’, अर्चना तिवारी ने कोर्ट में कहा, 13 दिन थी लापता
अर्चना तिवारी
रिपोर्ट – यश खरे
Archana Tiwari Case: पूरे देश में सुर्खियां बटोरने वाले अर्चना तिवारी मिसिंग केस में अब बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है. 7 अगस्त 2025 को अर्चना तिवारी रक्षाबंधन मनाने के लिए इंदौर से कटनी आने के दौरान नर्मदा एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थीं. इस घटना के बाद कई राज्यों की पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था.
करीब 13 दिन बाद अर्चना तिवारी सकुशल बरामद हुईं. पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं. उस समय उन्होंने कहा था कि परिवार उन पर शादी का दबाव बना रहा था, जबकि वह आगे पढ़ाई कर अपना करियर बनाना चाहती थीं. पुलिस ने जांच के बाद इसे सुनियोजित गुमशुदगी का मामला बताया था.
मामले में हुआ बड़ा खुलासा
लेकिन अब इस पूरे मामले में नया खुलासा हुआ है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सारांश जोगचंद द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान अर्चना तिवारी स्वयं न्यायालय के सामने पेश हुईं. अदालत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह सारांश जोगचंद से विवाह कर चुकी हैं और अपनी इच्छा से उनके साथ रहना चाहती हैं.
हाई कोर्ट ने दी अनुमति
हाई कोर्ट ने अर्चना के बालिग होने और उनकी स्वतंत्र इच्छा को देखते हुए उन्हें अपने पति सारांश जोगचंद के साथ जाने की अनुमति दे दी. साथ ही राज्य पुलिस को दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.
यानी जिस अर्चना तिवारी ने पहले पुलिस के सामने यह कहा था कि वह शादी के दबाव के कारण घर छोड़कर गई थीं और पढ़ाई करना चाहती थीं, उसी मामले में अब हाई कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया है कि उनका विवाह पहले ही हो चुका था. न्यायालय ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें उनके पति के साथ जाने की अनुमति दे दी है.
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