कल से पटरी पर लौट सकती है पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन, 6 कोच के साथ होगी रवाना, ऑनलाइन ही मिलेंगी टिकटें

Patalpani Kalakund Heritage Train: पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन कल से यानी 22 अगस्त से पटरी पर लौट सकती है. गुरूवार को इसके ट्रैक का निरीक्षण किया गया है.
Patalpani Kalakund Heritage Train

पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन

Patalpani Kalakund Heritage Train: मानसून के दौरान यह ट्रेन हरी-भरी पहाड़ियों, झरनों, सुरंगों और पुलों के बीच लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करने वाली पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन कल से यानी 22 अगस्त से पटरी पर लौट सकती है. पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली इस का इंतजार पर्यटकों का सालभर रहता है. ये ट्रेन हर साल मानसून के सीजन में पर्यटकों के लिए चलाई जाती है.

गुरूवार को हुआ ट्रायल

इस ट्रेन से यात्रा के दौरान हरी-भरी पहाड़ियों, झरनों, सुरंगों, पुलों और घने जंगलों के अद्भुत नजारे पर्यटको को देखने के लिए मिलने हैं. 9.5 किलोमीटर लंबे मीटरगेज ट्रैक पर गुरुवार को हेरिटेज ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया गया. करीब आठ माह से बंद ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले रेलवे अधिकारियों की टीम ने ट्रैक और ट्रेन की तकनीकी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा.

तकनीकी पहलुओं की जांच

इस ट्रायल के दौरान, गति, तीव्र मोड़, ब्रेकिंग सिस्टम, कोचों की स्थिति, पुल, सुरंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई. अब ट्रायल रन की रिपोर्ट के आधार पर रेलवे इस ट्रेन के नियमित संचालन का नोटिफिकेशन जारी करेगा. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि शनिवार से प्रदेश की एकमात्र हैरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू हो जाए. ये ट्रेन 6 कोच के साथ चलेगी और केवल ऑनलाइन तरीके से ही टिकिट बुकिंग की सुविधा यात्रियों को मिलेगी.

सफर का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र

मूल रूप से यह ऐतिहासिक ट्रेन पर्यटकों के लिए पहली बार 25-26 दिसंबर 2018 को क्रिसमस के मौके पर शुरू की गई थी और हर साल मानसून या विशेष सत्र में चलाई जाती है. पातालपानी-कालाकुंड का यह रेलमार्ग प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. करीब 9.5 किलोमीटर के सफर में ट्रेन पहाड़ियों, जंगलों, घाटियों, पुलों और सुरंगों के बीच से गुजरती है. मानसून के दौरान पहाड़ियों पर छाई हरियाली, झरने, बादल और धुंध इस सफर को और आकर्षक बना देते हैं.

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