Jabalpur News: जबलपुर में अवैध रेत खनन पर प्रशासन का एक्शन, 4000 घनमीटर जब्त रेत नदियों में डाली गई

Jabalpur News: जबलपुर जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरु किया है. कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने पिछले तीन दिनों से मझौली, सिहोरा, पाटन और जबलपुर के आसपास के क्षेत्रों में सघन छापेमारी की है.
Jabalpur illegal sand mining

जबलपुर प्रशासन का रेत माफियाओं पर एक्शन

Jabalpur News: अवैध रेत खनन को रोकने के लिए जबलपुर जिला प्रशासन ने अनोखा तरीका अपनाया है. जबलपुर जिले में चल रही अवैध रेत की खदानों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन न केवल कार्रवाइयां कर रहा है, बल्कि जब्त की गई रेत को वापस नदी में डाल रहा है. अमूमन रेत के अवैध भंडार को प्रशासन नीलम करता था, लेकिन अब सीधे रेत को वापस नदी में डाला जा रहा है.

4000 घनमीटर रेत जब्त की गई

जबलपुर जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरु किया है. कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने पिछले तीन दिनों से मझौली, सिहोरा, पाटन और जबलपुर के आसपास के क्षेत्रों में सघन छापेमारी की है. इस दौरान नदियों के किनारे अवैध रूप से भंडारित लगभग 4000 घनमीटर रेत यानी करीब 300 हाइवा डंपर के बराबर रेत जब्त की गई, जिसे प्रशासन ने मौके पर ही नष्ट कर करते हुए नदियों में वापस डाल दिया है.

​जिला खनिज अधिकारी ने क्या बताया?

  • जिला खनिज अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रेत माफियाओं को आर्थिक चोट पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है.
  • हालांकि छापेमारी के दौरान रेत के मालिक या भंडारण करने वालों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई, जिसके कारण इसे लावारिस मानकर नष्ट कर दिया गया.
  • प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.

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शिकायत मिलने के बाद प्रशासन का कड़ा एक्शन

दरअसल, जबलपुर में नर्मदा नदी के तट सहित तमाम सहायक नदियों के पास जमकर रेत का अवैध उत्खनन होता है. नियमों के मुताबिक, खनिज विभाग द्वारा जिन जगहों पर रेत निकालने की अनुमति दी जाती है उन जगहों पर किसी भी तरह की निगरानी नहीं होती है, जिसकी वजह से रेत का काला कारोबार करने वाले लोग नदियों को छलनी कर रहे हैं और मशीनों के जरिए रेत इकट्ठा करके खेतों में भंडारीत कर देते हैं. नदियों के किनारे और घाटों पर रेत के अवैध भंडारण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है.

हालांकि, रेत का अवैध भंडार करने वाले लोगों की कोई जानकारी नहीं मिली, जिसकी वजह से कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होते हैं.

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