Jabalpur: अब RPF और GRP से नहीं बच पाएंगे आरोपी! तुरंत बजने लगेगा अलार्म, जानें क्या है नई तकनीक
अब नहीं बच पाएंगे आरोपी!
Jabalpur News: जबलपुर रेलवे प्लेटफॉर्म पर आरोपियों को पकड़ने के लिए अब नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. फेस रिकॉग्निशन तकनीक के द्वारा अब आरोपी RPF और GRP की नजरों से बच नहीं पाएंगे. वहीं, कोई भी वारदात को अंजाम देने से पहले ही रेलवे प्लेटफार्म पर धरे जाएंगे. जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन में जैसे ही आरोपी प्रवेश करेगा RPF में बने कंट्रोल रूम का सायरन बज उठेगा. सायरन के बजते ही अमला अलर्ट मोड पर आ जाएगा और प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा. स्टेशन में लगे एफआरसी फेस रिकग्निशन कैमरे से ये संभव हो गया है. जबलपुर के रेलवे प्लेटफॉर्म के साथ ही फुटओवर ब्रिज पर ऐसे 8 कैमरे लगाये गए हैं, जो आरोपियों का चेहरा पहचान कर अलर्ट का मैसेज भेजेंगे. स्टेशन में कैमरे लगाने के साथ ही 250 आरोपियों की फोटो सहित पूरी कुंडली दर्ज कर ली गई है.
क्या है ये नई तकनीक?
हाल ही में आरपीएफ ने इसी तकनीक के जरिए एक कुख्यात अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है. नीतेश विश्वकर्मा उर्फ नित्तू निवासी भानतलैया जो कि आदतन अपराधी है और उसके ऊपर जीआरपी, आरपीएफ जबलपुर व कटनी में 12 मामले जबकि बेलबाग, हनुमानताल थाना में 10 से ज्यादा केस दर्ज हैं. अपराधी जैसे ही स्टेशन पहुंचा और एक यात्री का मोबाइल चुराने की कोशिश कर रहा था स्टेशन पर लगे एफआरएस सीसीटीवी कैमरों ने कंट्रोल रूम में अलर्ट दिया. इसके बाद आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंपा गया है.
मुख्य रेलवे स्टेशन के साथ ही सभी जगह अभी कैमरे तो लगे हैं, जिससे निगरानी की जा रही है. अब लेकिन रेलवे स्टेशनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 8 केयूएचडी कैमरे लगाए गए हैं. इनकी खासियत यह होती है कि फेस से अपराधियों को पकड़ लेंगे. आरोपी की फोटो सॉफ्टवेयर में अपलोड होते ही जैसे ही स्टेशन में अपराधी पहुंचेगा कैमरा अपने सॉफ्टवेयर में लिंक होते ही सभी 4k यूएचडी कैमरे में तस्वीर पहुंच जाएंगी. जब उस फोटो से मैच करता कोई व्यक्ति कैमरे के सामने से गुजरेगा, तो कैमरा सॉफ्टवेयर की मदद से अपने आप कंट्रोल रूम को जानकारी देगा.
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इस तकनीक से सिर्फ आरोपी को ही नहीं बल्कि गुम हुए इंसानों को भी आसानी से तलाशा जाएगा. अगर कोई रेलवे प्लेटफॉर्म पर या ट्रेन के अंदर खो जाता है तो उसे व्यक्ति की तस्वीर आरपीएफ को भेजी जाएगी. आरपीएफ इस टेक्नोलॉजी के जरिए उस व्यक्ति की पहचान जल्द से जल्द कर लेगा.
कहां-कहां पायलट प्रोजेक्ट शुरू?
जबलपुर मुख्य स्टेशन में प्लेटफॉर्म नंबर 6 के एंट्री गेट पर 3 फेस रिकग्निशन कैमरे, एक नंबर प्लेटफॉर्म के एंट्री गेट पर 2 और 2 फुटओवर ब्रिज में और 1 कैमरा एस्केलेटर के पास लगाया गया है. कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम आरपीएफ थाना में बनाया गया है. कैमरे के लिए आरपीएफ थाना, जीआरपी, वन विभाग और जबलपुर, कटनी जिलों के थानों में दर्ज 250 आरोपियों का रिकॉर्ड दर्ज है.