छिंदवाड़ा में अस्पताल में नाली का गंदा पानी घुसा, बारिश के बाद मरीज भागे, गर्भवती महिला को जिला हॉस्पिटल रेफर किया

जलभराव के कारण अस्पताल में इलाज प्रभावित हुआ और हालात ऐसे बन गए कि गर्भवती महिला को बिना इलाज के जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.
In Chhindwara, water entered the hospital ward during the first rain.

छिंदवाड़ा में पहली बारिश में ही अस्पताल के वार्ड में पानी घुस गया.

Input- मुकेश तिवारी

MP News: मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मानसून बरस रहा है. लेकिन बारिश के साथ ही छिंदवाड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है. हालात इतने बद्तर हो गए कि पिंडरईकला सरकारी अस्पताल में पहली बारिश के बाद ही वार्ड में नाली का पानी घुस गया. मरीजों को बेड छोड़कर भागना पड़ा, वहीं गर्भवती महिला को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा.

‘हर बारिश में यही हाल होता है’

छिंदवाड़ा जिले के पिंडरईकला सरकारी अस्पताल में भारी बारिश के बाद अव्यवस्था की लापरवाही सामने आई है. पहली ही तेज बारिश में अस्पताल के वार्डों और कमरों में पानी भर गया, जिससे मरीजों और स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

जलभराव के कारण अस्पताल में इलाज प्रभावित हुआ और हालात ऐसे बन गए कि गर्भवती महिला को बिना इलाज के जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है. मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

परिसर में घुटनों तक पानी भरा

छिंदवाड़ा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर पिंडारी कला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पर आसपास के गांव रहने वालों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिण्डाराई कला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तेज बारिश के बाद वार्ड तक में नाली का गंदा पानी घुस गया. जिससे स्टाफ और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भरा दिखाई दिया. स्थानीय लोगों का का कहना है कि नालियों की सफाई अगर सही से होती और ऊंची दीवारें ना खड़ी की जाती, तो ये हाल नहीं होता. हर साल शिकायत की जाती है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं किया गया.

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