राष्ट्रपति के दौरे से पहले RDVV कुलगुरु पर उठे सवाल, महिला अधिकारी से अभद्रता के मामले में कार्रवाई की मांग

समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन से पहले छात्र संगठन एनएसयूआई ने राज्य सरकार से कुलगुरु के खिलाफ निर्णय लेने की मांग उठाई है.
RDVV Vice Chancellor Prof. Rajesh Verma(File Photo)

RDVV के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा(File Photo)

MP News: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय मैं ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह होने जा रहा है. लेकिन एक बार फिर विश्वविद्यालय के कुलगुरु पर लगे महिला से किए अत्याचार के आरोपों का मामला फिर गर्मा गया है. कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. महिला अधिकारी से कथित अभद्रता के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित होने के बीच विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन से पहले छात्र संगठन एनएसयूआई ने राज्य सरकार से कुलगुरु के खिलाफ निर्णय लेने की मांग उठाई है.

कोर्ट ने कई बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी

दरअसल महिला अधिकारी द्वारा कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए जाने के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि फॉरेंसिक एवं तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से यह जांच कराई जाए कि कथित घटना के दिन विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में थे या नहीं. अदालत ने यह भी जानना चाहा था कि कैमरे और डीवीआर कब स्थापित किए गए, वे किस अवधि तक कार्यरत रहे तथा घटना के समय उनके बंद होने का कारण क्या था.

न्यायालय ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से भी हलफनामा प्रस्तुत कर यह स्पष्ट करने को कहा था कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित क्यों नहीं किए गए। साथ ही कैमरों में आई तकनीकी खामी को समय रहते दूर क्यों नहीं किया गया. अदालत ने इन बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे.

रिपोर्ट में कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया

मामले की जांच के लिए पूर्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी. इसमें तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों समेत अन्य सदस्य शामिल थे. समिति ने कुलगुरु और शिकायतकर्ता महिला अधिकारी दोनों के बयान दर्ज किए थे. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई थी. हालांकि अब तक इस रिपोर्ट पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है.

इधर, विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की तैयारियां चल रही हैं. इसी बीच एनएसयूआई नेता सचिन रजक ने कहा है कि जब तक महिला अधिकारी से अभद्रता के मामले में जांच रिपोर्ट पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक कुलगुरु का राष्ट्रपति के साथ मंच साझा करना उचित नहीं माना जा सकता. उन्होंने राज्य सरकार से मामले में शीघ्र निर्णय लेने और विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.

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