‘हम अपने नियम खुद बनाते हैं’, नहीं मानी कलेक्टर की बात, भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल बुलाकर छोटी सी बात पर किया टर्मिनेट

भोपाल में भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर द्वारा सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं. लेकिन भोपाल से इन नियमों के उलंघ्घन का मामला सामने आया है.
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पेरेंट्स मीटिंग की तस्वीर

नौतपा शुरू हो चुके है इसी वजह से भोपाल में भीषण गर्मी देखने को मिल रही है. राजधानी में पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है. इसी को देखते हुए कलेक्टर ने छोटी क्लासेस की छुट्टियां और बड़ी क्लासेस के समय में बदलाव को निर्देश सभी स्कूलों को जारी किए हैं. लेकिन भोपाल से इन नियमों के उलंघ्घन का मामला सामने आया है. आइए जातने है क्या है पूरा मामला.

दरअसल भोपाल में 10 स्टूडेंट्स को प्राइवेट स्कूल से निकाल दिया गया. कसूर सिर्फ इतना था कि उनके पेरेंट्स ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर कलेक्टर के उस आदेश का जिक्र किया था. जैसे ही इस ग्रुप पर हो रही चर्चा की जानकारी स्कूल को लगी, उन्होंने 15 मई को एक पेरेंट्स मीटिंग की. इस दौरान कुछ पेरेंट्स ने भीषण गर्मी का हवाला देते हुए कलेक्टर के आदेश अनुसार स्कूल बंद करने की बात कही.

छुट्टियां घोषित होने से बाद भी चल रहा था समर कैंप

गौरतलब है कि छुट्टियां घोषित होने के बावजूद भी स्कूल समर कैंप के नाम पर बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा था. पेरेंट्स की इस हरकत से नाराज स्कूल प्रबंधन ने 17 मई को टर्मिनेशन मेल भेज दिया. स्कूल की मनमानी से परेशान पेरेंट्स मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे. लिखित शिकायत दी. ये पूरा मामला अब्बास नगर के ईस्टर्न पब्लिक स्कूल का है.

बच्चों की पढ़ाई का नुकसान

इस पूरे मामले पर परिजनों का कहना है कि बीच सत्र से निकाले जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. नए स्कूल में एडमिशन कराना आसान नहीं है और इससे आर्थिक परेशानी भी बढ़ेगी. अभिभावकों ने कहा कि बच्चे मानसिक तनाव में हैं. मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन, लोक शिक्षा विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी की गई है.

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