मुरैना: शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, दीमक निगल गया 20 साल के रिकॉर्ड, अधर में लटका छात्रों का भविष्य

मुरैना शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यहां पर पिछले 20 साल का रिकॉर्ड दीमक खा गया. आइए जानते है क्या है पूरा मामला?
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मुरैना शिक्षा विभाग

मुरैना/मनोज शर्मा: मुरैना शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओल्ड परीक्षा शाखा में वर्ष 1980 से 2000 तक का लगभग 20 वर्षों का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दीमक और नमी की भेंट चढ़ गया. रिकॉर्ड के नष्ट होने से कक्षा 5वीं और मिडिल के हजारों विद्यार्थियों से जुड़े दस्तावेज, प्रमाण पत्र और सत्यापन संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं रह गए हैं.

शाखा में रखी फाइलों का उचित रखरखाव

जानकारी के अनुसार रिकॉर्ड शाखा में रखी फाइलों का उचित रखरखाव नहीं होने के कारण धीरे-धीरे दीमक ने पूरे दस्तावेजों को नष्ट कर दिया. अब स्थिति यह है कि कई महत्वपूर्ण फाइलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों को अंकसूची, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

कर्मचारियों का कहना है कि…

ओल्ड रिकॉर्ड शाखा में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति और रिकॉर्ड के संरक्षण को लेकर कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कर्मचारियों ने भवन की खराब हालत को लेकर भी चिंता जताई है और आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है.

जिला शिक्षा अधिकारी स्वीकार किया

जिला शिक्षा अधिकारी बीएसए इंडोलिया ने स्वीकार किया कि ओल्ड परीक्षा शाखा में रखा करीब 20 वर्षों का रिकॉर्ड दीमक और नमी के कारण खराब हुआ है. उन्होंने बताया कि पूर्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड के संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. नए भवन के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है ताकि भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकें. इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रिकॉर्ड नष्ट होने से हजारों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को भविष्य में दस्तावेज संबंधी कार्यों के लिए भटकना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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