MP Budget 2026: सरकार खरीदेगी 300 करोड़ का जेट और 180 करोड़ का हेलीकॉप्टर, बजट 2026-27 में प्रावधान

MP Budget 2026: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बड़ा ऐलान किया है. सरकार 480 करोड़ रुपये में एक नया विमान और नया हेलीकॉप्टर खरीदने जा रही है. इस ऐलान की बाद ही विपक्ष ने सरकार से कई सवाल पूछे हैं.
cm mohan yadav and jagdeesh devda

सीएम मोहन यादव और जगदीश देवड़ा

MP Budget 2026: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में वीआईपी हवाई बेड़े को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रावधान किया है. बजट दस्तावेज के अनुसार, सरकार 300 करोड़ रुपये की लागत से नया जेट विमान और 180 करोड़ रुपये का नया हेलीकॉप्टर खरीदेगी.

हेलीकॉप्टर-जेट किसके उपयोग के लिए खरीदा जाएगा?

बजट में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री के उपयोग के लिए हेलीकॉप्टर खरीदा जाएगा, जबकि जेट विमान का उपयोग शासन के उच्चस्तरीय आधिकारिक दौरों और आपात परिस्थितियों में किया जाएगा. इसके लिए विमान संचालनालय योजना के अंतर्गत नया मद भी खोला गया है, जिसमें प्रारंभिक रूप से 8 लाख रुपये की टोकन राशि का प्रावधान रखा गया है.

हेलीकॉप्टर-जेट खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी

सरकारी सूत्रों का कहना है कि वर्तमान हवाई संसाधन पुराने हो चुके हैं और रखरखाव पर बढ़ता खर्च देखते हुए नए विमान और हेलीकॉप्टर की आवश्यकता महसूस की गई. नई खरीदी से सुरक्षा, तकनीकी विश्वसनीयता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा.

खरीद को लेकर विपक्ष का क्या कहना है?

हालांकि, बजट में किए गए इस प्रावधान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है. विपक्ष का कहना है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर अधिक खर्च की जरूरत है, ऐसे में महंगे विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद प्राथमिकता पर सवाल खड़े करती है.

सरकार का क्या कहना है?

वहीं सरकार का पक्ष है कि प्रशासनिक कार्यों, निवेश आकर्षण और आपदा प्रबंधन के लिए तेज और सुरक्षित हवाई साधन आवश्यक हैं. अधिकारियों के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया निर्धारित निविदा प्रणाली के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी. इसी बजट में एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई है.

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GPF के नियमों में बदलाव होने जा रहा है

कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (GPF) से जमा राशि निकालने के नियमों को 71 साल बाद सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है. कुल मिलाकर बजट में एक ओर प्रशासनिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की पहल दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर वित्तीय प्राथमिकताओं को लेकर बहस भी तेज हो गई है.

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