MP News: दिग्विजय सिंह की राज्यसभा सीट पर कांग्रेस में दावेदारों की खुली जंग, नटराजन पर लग सकता है दांव

MP News: 13 जनवरी को भोपाल में दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में स्पष्ट कहा था कि वे अपनी सीट खाली कर रहे हैं. तभी से यह सीट कांग्रेस के भीतर सियासी प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गई है. अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि कांग्रेस किस चेहरे पर दांव लगाती है.
Former CM Digvijay Singh

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह

MP News: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा की एक सीट 9 अप्रैल को खाली हो रही है. वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है और उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाने के संकेत देकर सियासी हलचल तेज कर दी है. इसके बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है. भोपाल से लेकर दिल्ली तक नेताओं ने संपर्क और समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं.

क्या कमलनाथ होंगे अगले राज्यसभा सांसद?

सबसे प्रमुख नाम पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का सामने आ रहा है. केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर लंबा अनुभव रखने वाले कमलनाथ को संसदीय राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता है. वे फिलहाल छिंदवाड़ा से विधायक हैं, लेकिन यदि पार्टी अनुभवी और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेता को भेजना चाहती है तो उनका नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है. हालांकि कमलनाथ ने इस बात से इनकार किया है कि वह राज्यसभा नहीं जाना चाहते हैं.

राज्यसभा जाने के लिए कौन दावेदार है?

वहीं कांग्रेस के अंदर खाने की खबर है कि हाई कमान मीनाक्षी नटराजन को भी राज्यसभा भेजने की तैयारी में है और मध्य प्रदेश से ही मीनाक्षी नटराजन को भेजा जाएगा. इस बारे में हाई कमान से कांग्रेस के नेताओं की चर्चा जरूर हो गई है, लेकिन अब किसे राज्यसभा भेजा जाएगा यह आने वाला समय बताएगा. पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव भी गंभीर दावेदार माने जा रहे हैं. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और ओबीसी वर्ग के प्रभावशाली नेता हैं. 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यदि पार्टी सामाजिक संतुलन और ओबीसी समीकरण को प्राथमिकता देती है, तो यादव का दावा मजबूत हो सकता है.

जीतू पटवारी के सामने बड़ी जिम्मेदारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस दौड़ में सक्रिय हैं. आक्रामक राजनीतिक शैली और संगठन में सक्रियता के कारण वे युवा नेतृत्व के प्रतीक माने जाते हैं. यदि हाईकमान संगठन को मजबूती देने और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश देना चाहे तो पटवारी का चयन रणनीतिक कदम हो सकता है. हालांकि संभावना कम है कि जीतू पटवारी को राज्यसभा भेजा जाए क्योंकि उनके सामने मध्य प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी है और अध्यक्ष के तौर पर काम भी बेहतर कर रहे हैं.

क्या वर्मा और कमलेश्वर पटेल जाएंगे राज्यसभा?

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल भी संभावित उम्मीदवारों में गिने जा रहे हैं. वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रभाव रखते हैं. इसी तरह पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं. वे अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे सामाजिक समीकरण साधने की दृष्टि से उनका नाम भी अहम हो सकता है.

क्षेत्रीय मामलों को साधने के साथ नाम होगा तय

कांग्रेस हाईकमान के सामने चुनौती यह है कि राज्यसभा की यह सीट केवल संसद में प्रतिनिधित्व भरने का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश में संगठनात्मक संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति से भी जुड़ी है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, संगठन की मजबूती और केंद्रीय नेतृत्व से तालमेल इन सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है.

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दिग्विजय सिंह ने क्या ऐलान किया?

13 जनवरी को भोपाल में दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में स्पष्ट कहा था कि वे अपनी सीट खाली कर रहे हैं. तभी से यह सीट कांग्रेस के भीतर सियासी प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गई है. अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि कांग्रेस किस चेहरे पर दांव लगाती है.

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