MP के हजारों टीचर्स सड़क पर उतरे! TET के खिलाफ जताया विरोध, जानें क्या है पूरा मामला
TET के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन
MP News: मध्य प्रदेश में बुधवार (8 अप्रैल 2026) को राजधानी भोपाल समेत अलग-अलग जिलों में सरकारी शिक्षकों ने विरोध जताया. सड़कों पर उतरकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test) के खिलाफ हल्लाबोल किया. हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और TET को रद्द करने की मांग की.
DPI के सामने किया प्रदर्शन
राज्य के अलग-अलग जिलों से राजधानी भोपाल पहुंचे शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के सामने प्रदर्शन किया. अध्यापक शिक्षक संघ के टीचर्स ने TET को रद्द करने की मांग की. टीचर्स के अनुसार सालों तक पढ़ाने के बाद आखिर अब क्यों परीक्षा कराई जा रही है, जब वे परीक्षा पास करके ही नौकरी कर रहे हैं.
इन जिलों में भी हुआ प्रदर्शन
मुरैना के न्यू कलेक्ट्रेट परिसर में आज विभिन्न शिक्षक संघों ने एकजुट होकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की व्यवस्थाओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान TET नियमों में कई विसंगतियां हैं, जिससे लंबे समय से कार्यरत और अनुभवी शिक्षकों के हितों की अनदेखी हो रही है. उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया जाए और वरिष्ठता को उचित महत्व दिया जाए.
विदिशा में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने TET परीक्षा और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने पहले नीमताल चौराहे पर धरना दिया उसके बाद प्रदर्शन स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालते हुए पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से बच्चों को पढ़ा रहे हैं और अब अचानक परीक्षा देना उनके लिए व्यावहारिक नहीं है.
आलीराजपुर जिले में TET के विरोध में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया. अपनी मांगों को लेकर जिले के करीब 4 हजार टीचर्स एकजुट हुए और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. शिक्षकों ने कलेक्टर के माध्यम से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाते हुए जल्द समाधान की मांग की.
इंदौर में TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला. हजारों की संख्या में शिक्षक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने सरकार के आदेश को वापस लेने की मांग उठाई. समिति ने चेतावनी दी, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा.
शिक्षक क्या मांग कर रहे हैं?
- TET की अनिवार्यता खत्म की जाए.
- TET परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया जाए.
- अनुभवी शिक्षकों को प्राथमिकता दिया जाए.
- वरिष्ठता का सम्मान सुनिश्चित किया जाए.
- राज्य सरकार अपना पक्ष कोर्ट में रखे.
ये भी पढ़ें: फिल्मी अंदाज में ट्रेन से कूदा चोर, तालाब में छिपने के बाद कमल की डंडी के सहारे लेता रहा सांस, ऐसे पकड़ में आया
क्या है पूरा मामला?
- सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को TET एग्जाम पास करना अनिवार्य होगा.
- जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 5 साल का वक्त रह गया है, उन्हें इस नियम से छूट दी जाएगी.
- इसके साथ ही ये भी जोड़ा गया कि परीक्षा पास ना करने वाले शिक्षकों को रिटायर्ड कर दिया जाएगा.
- कोर्ट के इस निर्णय के बाद राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने TET की अनिवार्यता को लेकर आदेश जारी किया था.