नर्मदापुरम के किसान की शानदार कारीगरी! अनाज के दानों से उकेरी इटली की PM मेलोनी की तस्वीर

MP News: सुपरली ग्राम के किसान ने अनाज के दानों से इटली की प्रधानमंत्री की फोटो बनाई है और उसे चाकलेट से सजाया भी है. किसान योगेंद्र पाल सिंह पहले भी अनाज के दानों से सुंदर आकर्षक तस्वीरें बना चुके हैं और अब उन्होंने यह सुंदर तस्वीर बनाई है.
Narmadapuram farmer created portrait of Italian PM Giorgia Meloni using grains

नर्मदापुरम के किसान ने अनाज के दानों से बनाई इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर

MP News: (नर्मदापुरम से आशीष मालवीय की रिपोर्ट) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में पांच देशों की विदेश यात्रा पर गए थे. इस दौरान उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी को भारत की प्रसिद्ध “मेलोडी चॉकलेट” का पैकेट भेंट किया था. यह केवल एक साधारण उपहार नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मीयता का प्रतीक था. दरअसल, इस पूरे वाकये से प्रेरित हो कर सुपरली ग्राम के किसान ने अनाज के दानों से इटली की प्रधानमंत्री की फोटो बनाई है और उसे चाकलेट से सजाया भी है. किसान योगेंद्र पाल सिंह पहले भी अनाज के दानों से सुंदर आकर्षक तस्वीरें बना चुके हैं और अब उन्होंने यह सुंदर तस्वीर बनाई है.

स्वदेशी का संदेश दिया

आज पूरी दुनिया एक आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही है और उसके प्रभाव की आहट हमारे देश में भी महसूस की जा रही है. ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा विदेशी यात्रा के दौरान किसी महंगे विदेशी उपहार के बजाय भारत में प्रचलित एक साधारण घरेलू उत्पाद को भेंट करना अत्यंत प्रेरणादायक संदेश देता है.

हमारी भारतीय सनातनी परंपरा में यह मान्यता रही है कि जब परिवार या समाज आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा हो, तब दिखावे और फिजूलखर्ची से बचते हुए सादगी और आत्मनिर्भरता को अपनाया जाए. पुराने समय में भी जब लोग किसी रिश्तेदारी या मेहमानी में जाते थे, तो घर में बने उत्पाद, मिठाइयां या स्थानीय वस्तुएं ही भेंट स्वरूप ले जाया करते थे. इससे आत्मीयता भी बनी रहती थी और स्थानीय उत्पादों को सम्मान भी मिलता था.

ये भी पढ़ें: Indore Delhi Flights Cancellation: इंदौर-दिल्ली रूट पर एयर इंडिया 1 जून से बंद करेगी 4 उड़ानें, पैसेंजर्स पर पड़ेगा असर

भारत के उत्पाद को विश्व में मिली पहचान

इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेलोडी चॉकलेट भेंट करना भारतीय संस्कृति, सादगी, स्वदेशी भावना और आर्थिक संयम का प्रतीक माना जा सकता है. यह संदेश देता है कि छोटे और स्थानीय उत्पाद भी विश्व मंच पर भारत की पहचान बन सकते हैं.

ज़रूर पढ़ें