MP News: एमपी पुलिस में लागू होगी नई प्रशिक्षण नीति, साइबर क्राइम से निपटने के लिए जवानों को मिलेगी AI ट्रेनिंग

MP News: अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस अब और मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है. प्रदेश में पहली बार पुलिस में प्रशि‍क्षण नीति लागू होने जा रही है.
Madhya Pradesh Police Training (File Photo)

मध्‍य प्रदेश पुलिस ट्रेनिंग (फाइल फोटो)

MP News: मध्‍य प्रदेश में साइबर अपराध, संगाठित अपराध, देशविरोधी गतिविधियां और अन्‍य संघिन अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस अब और मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है. प्रदेश में पहली बार पुलिस में प्रशि‍क्षण नीति लागू होने जा रही है. इस नीति को डीजीपी कैलाश मकवाणा ने स्‍वीकृति प्रदान कर दी है. इस माह में होने वाली नई नियुक्ति वाले बैच से इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है. नीति में राष्‍ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षणों का भी समावेश होगा. इस नीति में आत्मरक्षा के लिए साइबर कानून, साइबर हाइजीन, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस जैसे ऑनलाइन पोर्टल और मार्शल आर्ट ट्रेनिंग शामिल होगी.

पाठ्यक्रम में शामिल होगी नई तकनीक

अंग्रेजाें के समय से बने प्रशिक्षण के जो मैन्‍युअल है, उन्‍हें पुलिस ने अपना लिया था. हालांकि, जरूरत के हिसाब से बीच-बीच में पाठ्यक्रम में नए विषयों को जोड़ा गया है. इसमें प्रशिक्षण नीति नहीं थी. अब आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एएसपी तक को नई नीति के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा. पुलिस के सामने आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती अपराधों में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग है.

पुलिस विभाग ने इसका भी समाधान निकाल लिया है. पुलिस में कई महत्वपूर्ण काम ऑनलाइन किए गए हैं. इसके लिए पोर्टल भी बनाए गए हैं. अब पुलिसकर्मियों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्‍टम (सीसीटीएनएस), इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्‍टम, इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्‍टम (आईजीजेएस) और मेटा डेटा विश्‍लेषण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

AI ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित

पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में नई प्रशिक्षण नीति तैयार की गई है. पुलिस कर्मियों को AI आधारित जांच और पुलिसिंग की जानकारी देने के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित किए गए हैं. इसके साथ ही विश्वविद्यालयों के सहयोग से साइबर कानून, डिजिटल फॉरेंसिक और AI आधारित पुलिसिंग से जुड़े सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बनाई गई है. इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से पुलिसकर्मियों और छात्रों को आधुनिक अपराध जांच तकनीकों की व्यावहारिक समझ दी जाएगी.

नई नीति में डिजिटल ट्रेनिंग सिस्टम को भी प्राथमिकता दी गई है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल आधारित लर्निंग टूल्स का उपयोग कर प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और आसान बनाया जाएगा. उद्देश्य यह है कि पुलिस बल तेजी से बदलती तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार कर सके.

शारीरिक गतिविधियों पर जोर

शारीरिक और मानसिक फिटनेस को मजबूत करने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण को भी पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया है. कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर स्तर के कर्मियों को लाठी प्रशिक्षण, कलरिपयट्टू, क्राव मागा और मल्लखंभ जैसी पारंपरिक और आधुनिक मार्शल आर्ट तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा. वहीं तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग और ध्यान को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है.

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