MP News: रेलवे में बढ़ीं चेन पुलिंग की घटनाएं, 13 महीनों में भोपाल मंडल में सामने आए 6000 से ज्यादा मामले

MP News: जुलाई, अगस्त और अक्टूबर 2025 में सबसे अधिक घटनाएं सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने इन महीनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का फैसला लिया है.
Incidents of chain pulling have increased in the railways.

रेलवे में बढ़ी चेन पुलिंग की घटनाएं

MP News: रेलवे में बिना वजह चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हर महीने सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं. खासतौर पर जुलाई, अगस्त और अक्टूबर 2025 में सबसे अधिक घटनाएं सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने इन महीनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का फैसला लिया है.

90 फीसदी मामले गैर-जरूरी

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, करीब 90 फीसदी मामलों में चेन पुलिंग की कोई जरूरी वजह नहीं होती. कई यात्री स्टेशन छूट जाने, सामान पीछे रह जाने या परिवार के किसी सदस्य के ट्रेन में नहीं चढ़ पाने जैसी स्थितियों में जल्दबाजी में चेन खींच देते हैं. त्योहारों के दौरान बढ़ी भीड़ और बारिश के मौसम को भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है.

हर महीने सामने आए सैकड़ों मामले

आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 में 456, मई में 477, जून में 466, जुलाई में 651, अगस्त में 645, सितंबर में 513 और अक्टूबर में 677 मामले दर्ज हुए. इसके बाद नवंबर में 573, दिसंबर में 519, जनवरी 2026 में 495, फरवरी में 391, मार्च में 420 और अप्रैल 2026 में 440 घटनाएं सामने आईं.

किन परिस्थितियों में खींच सकते हैं चेन

रेलवे का कहना है कि कुछ परिस्थितियों में चेन पुलिंग जरूरी भी होती है. मेडिकल इमरजेंसी, ट्रेन में आग लगने, किसी अपराध या डकैती जैसी घटनाओं के दौरान यात्री ट्रेन रोकने के लिए अलार्म चेन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा बुजुर्ग या दिव्यांग यात्रियों की परेशानी की स्थिति में भी यह कदम उठाया जाता है.

रेलवे संचालन पर पड़ रहा असर

बार-बार होने वाली चेन पुलिंग का असर रेलवे संचालन पर साफ दिखाई दे रहा है. ट्रेनों की समय सारिणी बिगड़ रही है और पीछे चलने वाली ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है. अचानक ट्रेन रुकने से रेलवे को ईंधन और संचालन में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है. वहीं ब्रेकिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ने के कारण तकनीकी दिक्कतें भी सामने आती हैं.

यात्रियों को हो रही परेशानी

इसका असर यात्रियों को भी झेलना पड़ रहा है. कई बार ट्रेनें बीच रास्ते में लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिससे यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है. गर्मी के मौसम में ट्रेन रुकने पर उमस और घुटन बढ़ जाती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों पर पड़ता है.

कानून में सजा का प्रावधान

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध कारण के चेन पुलिंग करना कानूनन अपराध है. भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी पाए जाने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना, एक साल तक की जेल या दोनों सजा हो सकती है. भोपाल रेलवे पीआरओ ग्रेसियस नाजरथ ने बताया कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए आरपीएफ की निगरानी, ट्रेन स्कॉर्टिंग और जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं.

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