MP बजट सत्र से पहले सियासी घमासान, BJP-कांग्रेस की रणनीति बैठकें, सदन में जनता के मुद्दों पर टकराव तय
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MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस, दोनों ही दल आगामी सत्र को लेकर अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं. जनता से जुड़े मुद्दों, खासकर कफ सिरप कांड जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सदन के भीतर तीखी बहस के संकेत पहले ही मिल रहे हैं.
कांग्रेस ने बजट सत्र की तैयारी को लेकर 15 फरवरी को विधायक दल की अहम बैठक बुलाई है. यह बैठक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के नेतृत्व में होगी, जिसमें सभी कांग्रेस विधायक शामिल होंगे. बैठक में यह तय किया जाएगा कि बजट सत्र के दौरान सरकार को किन मुद्दों पर और किस रणनीति के तहत घेरा जाए. कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि वह महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देगी.
सरकार से सदन के भीतर मांगेगी कांग्रेस जवाब
विशेष रूप से छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड को लेकर कांग्रेस सरकार से सदन के भीतर जवाब मांगेगी. पार्टी का कहना है कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बजट सत्र जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है और इसे पूरी मजबूती से इस्तेमाल किया जाएगा.
16 फरवरी को बीजेपी आवास में बैठक
दूसरी ओर, कांग्रेस की आक्रामक तैयारी को देखते हुए भाजपा भी अलर्ट मोड में आ गई है. 16 फरवरी को भाजपा विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास में आयोजित की जाएगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ मंत्री और विधायक शामिल होंगे. बैठक में विपक्ष के संभावित सवालों, सरकार की उपलब्धियों और सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की जाएगी. भाजपा की कोशिश रहेगी कि विपक्ष के हमलों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाए और सरकार की योजनाओं को मजबूती से सदन में रखा जाए.
अधिकारी भी रहेेंगे करवाई के दौरान मौजूद
इधर, विधानसभा सचिवालय ने भी बजट सत्र को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. सचिवालय ने सभी विभागों को विधायकों के सवालों के संबंध में पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि हर सवाल का जवाब समय पर और अनिवार्य रूप से तैयार रखा जाए. सत्र के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी सदन में मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी प्रश्न का तुरंत जवाब दिया जा सके.
बजट से पहले खर्च चलाने के लिए आएगा अनूपूरक
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है. बजट सत्र की शुरुआत में वित्त मंत्री द्वारा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिसके बाद प्रदेश सरकार का मुख्य बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा. ऐसे में साफ है कि यह बजट सत्र सिर्फ आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी गर्म रहने वाला है.