मऊगंज बस स्टैंड बना वसूली का अड्डा! बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से अवैध वसूली, ठेकेदार की मनमानी या प्रशासन की मेहरबानी?
मऊगंज में बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से अवैध वसूली
Illegal Collections From Bus Operators: मऊगंज जिले के नगर परिषद क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर अस्थाई रूप से बनाए गए बस स्टैंड पर इन दिनों अवैध वसूली का खेल खुलेआम चलने के आरोप सामने आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि जिस जगह से यह कथित वसूली की जा रही है, उसके ठीक बगल में नगर परिषद कार्यालय स्थित है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं.
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा बाजार बैठकी का टेंडर जारी किया गया था. लेकिन आरोप है कि बाजार बैठकी के नाम पर बस स्टैंड में आने-जाने वाले बस संचालकों और वाहन चालकों से भी अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं. जबकि वर्तमान में पार्किंग अथवा बस स्टैंड शुल्क वसूली के लिए कोई अलग टेंडर जारी नहीं किया गया है.
बस संचालकों का आरोप है कि बाजार बैठकी के नाम पर ठेका लेने वाले ठेकेदार के द्वारा नियमित रूप से राशि की वसूली करवाई जा रही है. इतना ही नहीं, पैसा देने से इनकार करने पर कथित तौर पर दबाव, धमकी और अभद्र गालियां तक दी जा रही है. हैरानी की बात यह है कि यह पूरा मामला नगर परिषद कार्यालय के ठीक बगल में संचालित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बने हुए हैं.
बाजार बैठकी का टेंडर, फिर बसों से वसूली क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर परिषद द्वारा केवल बाजार बैठकी का टेंडर जारी किया गया था, तब बस संचालकों और वाहनों से शुल्क वसूली का अधिकार किस आधार पर दिया गया? यदि पार्किंग या बस स्टैंड संचालन का कोई अलग टेंडर नहीं हुआ है, तो यह वसूली किस नियम और आदेश के तहत की जा रही है?
इस पूरे मामले में नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. नगर परिषद परिसर से चंद कदमों की दूरी पर कथित अवैध वसूली का खेल चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है.
सीएमओ ने माना गलत, नोटिस जारी, कार्यवाही जीरो!
मामले को लेकर जब नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राहुल शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि बस संचालकों से इस प्रकार की वसूली गलत है. उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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हालांकि, सवाल यह है कि यदि वसूली गलत थी तो अब तक यह किसके संरक्षण में चल रही थी? क्या केवल नोटिस जारी कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएगा, या फिर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी होगी?
प्रशासन पर उठे सवाल
फिलहाल, अस्थायी बस स्टैंड में जारी कथित अवैध वसूली ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर जनता का विश्वास कायम करता है.