Mauganj: 45 साल के शख्स की संदिग्ध मौत से सनसनी! फंदे पर लटका मिला शव, परिजनों को हत्या का शक

Mauganj Crime News: मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और एसडीओपी सचि पाठक ने परिजनों से बातचीत की. काफी समझाइश के बाद पोस्टमार्टम को लेकर सहमति बनी और शव को मर्चुरी भेजा गया.
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मऊगंज: शव को ले जाते लोग

Mauganj Crime News: मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हरदी गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब सुबह जब सभी अपने दैनिक दिनचर्या के कामों में व्यस्त थे, तभी 45 वर्षीय शंकर पटेल का शव निर्माणाधीन मकान के बारजा से संदिग्ध परिस्थितितो में फंदे पर लटका मिला. शव पर चोट के निशान देखकर परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है. जिससे गांव में तनाव फैल गया. मौके पर शाहपुर थाना पुलिस समेत मऊगंज एसडीओपी सचि पाठक मौके मौके पर पहुंची और परिजन को समझाने का प्रयास किया. जब परिजन नहीं माने और परिजनों में आक्रोश को देखते हुए कई थानों का बल समेत तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल हरदी भेजा गया.

परिजनों को हत्या का शक

जानकारी के अनुसार, शंकर पटेल की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है. उनके चार बच्चे हैं, जो नौकरी के लिए बाहर रहते हैं. घर में शंकर पटेल की 80 वर्षीय मां और भांजा मनोज पटेल और उसकी पत्नी रहते थे. मनोज के पिता की बचपन में मौत हो गई थी, जिसके बाद वह अपने मामा शंकर के साथ हरदी में रहने लगा था. परिजन के मुताबिक शंकर शराब पीते थे और मामा-भांजे के बीच गाली गलौज और कभी-कभी झगड़ा भी होता था. 09 सितंबर को गांव में अरुणेंद्र पटेल के यहां रात में कार्यक्रम था, जहां सभी कार्यक्रम में मौजूद थे. वहीं, 9-10 सितंबर की दरमियानी रात एक तरफ झगड़ा और दूसरी तरफ झगड़े का परिजनों ने आरोप लगाया.

शरीर पर मिले चोट के निशान

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. मामला संदिग्ध है, शरीर पर चोट के निशान हैं. आरोपों के आधार पर पुलिस ने एक्सपर्ट्स को बुलाकर फिंगरप्रिंट लिए गए और सभी पहलुओं की जांच जारी है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और परिजन से भी जानकारी ली जा रही है.

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विधायक ने परिजनों से की चर्चा

वहीं, मौके पर पहुंचे मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और एसडीओपी सचि पाठक ने परिजनों से बातचीत की. काफी समझाइश के बाद पोस्टमार्टम को लेकर सहमति बनी और शव को मर्चुरी भेजा गया. इस पूरे घटनाक्रम में एसडीओपी सचि पाठक की भूमिका अहम रही, जिन्होंने आक्रोशित परिजनों से संवाद कर स्थिति को संभाला और पोस्टमार्टम के लिए सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. फिंगरप्रिंट रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और पुलिस की जांच ही इस मौत की असली कहानी सामने लाएगी. फिलहाल हरदी गांव में मातम पसरा हुआ है.

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