कच्चे मकान में चल रहा था नशे का सिंडिकेट, एमडी ड्रग्स समेत सवा करोड़ का माल बरामद; मऊगंज में 4 गिरफ्तार
मऊगंज का शाहपुर थाना.
MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस ने नशे के साम्राज्य पर ऐसा प्रहार किया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. किराए के एक मकान में महीनों से मौत का कारोबार चल रहा था. जहां एक करोड़ रुपये से ज्यादा की एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी. लेकिन ‘ऑपरेशन प्रहार-02’ के तहत मऊगंज पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा तो पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया. एक करोड़ से ज्यादा की एमडी ड्रग्स, केमिकल, हाईटेक लैब, मशीनें और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला वाहन समेत अन्य चीजें बरामद की हैं. मामले में पुलिस ने चारोपी भी गिरफ्तार किए हैं. अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे बैठे बड़े तस्करों और सप्लाई चेन की तलाश तेज कर दी गई है.
कच्चे मकान में हाईटेक तरीके से तैयार हो रही थी एमडी ड्रग्स
देर रात शाहपुर थाना, खटखरी चौकी और विशेष पुलिस टीम ने बिझौली गांव के एक किराए के मकान पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी. जो मकान दिखने में साधारण रिहायशी था, लेकिन पुलिस जैसे ही मकान के अंदर पहुंची, वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए. कमरों के भीतर हाईटेक तरीके से एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी. जांच में सामने आया कि यह अवैध फैक्ट्री मार्च महीने से लगातार संचालित हो रही थी और यहां बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे.
बरामद सामग्री की कीमत एक करोड़ 28 लाख
नशे के सौदागरों के खिलाफ मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार-02’ के तहत पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में संचालित अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 360 ग्राम संदिग्ध एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा 300 लीटर से अधिक रासायनिक पदार्थ, भारी मात्रा में कच्चा माल, ओवन मशीन, वैक्यूम पंप, हीटर, जनरेटर समेत ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक उपकरण जब्त किए गए. तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बोलेरो गाड़ी भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 28 लाख रुपये आंकी गई है.
गिरोह के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश
पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें चंदन सिंह, अशोक गुप्ता और पीयूषचंद्र यादव गढ़ थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि चौथा आरोपी ऋषभ सेन गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है. प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है.
शाहपुर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग्स किन-किन राज्यों तक सप्लाई की जा रही थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस पूरे रैकेट को आर्थिक मदद कौन दे रहा था. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरे भी कानून के शिकंजे में होंगे.
कई महीनों से चल रही थीं संदिग्ध गतिविधियां
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से इस मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं. देर रात लग्जरी और मालवाहक गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता था. आसपास के लोगों को केमिकल की तेज बदबू आती थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि गांव के बीचोंबीच मौत की फैक्ट्री चल रही है. पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ इस अवैध फैक्ट्री को बंद कराया, बल्कि इलाके में फैले ड्रग्स नेटवर्क को भी बड़ा झटका दिया है.
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