एमपी का ऐसा गांव जहां आज भी नहीं है मोबाइल नेटवर्क, कॉल और इंटरनेट के लिए दूसरे गांव जाते हैं ग्रामीण
एमपी के इस गांव में नहीं है मोबाइल नेटवर्क
Residents Travel For Calls: आज का समय डिजिटल क्रांति का दौर है, जिसने पूरी दुनिया को एक-दूसरे के बहुत करीब ला दिया है. इंटरनेट की वजह से लोगों के बीच की दूरियां अब खत्म हो चुकी हैं. आज के हालात ऐसे हैं कि लोग खाने के बिना तो रह सकते हैं, लेकिन मोबाइल और इंटरनेट के बिना रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते. हालांकि, इस डिजिटल युग में एक हैरान करने वाली बात भी है. जहां आज देश के कोने-कोने और हर छोटे-बड़े गांव में इंटरनेट का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है, वहीं जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक ऐसा गांव भी मौजूद है जो आज के समय में भी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बहुत दूर है.
इस गांव में आज भी नहीं है मोबाइल नेटवर्क
खबरों के अनुसार, मध्य प्रदेश के मैहर जिले का मनौरा गांव आज भी मोबाइल नेटवर्क के लिए तरस रहा है. खबरों के मुताबिक, इस डिजिटल युग में भी यहां के लोगों को फोन पर बात करने, इंटरनेट इस्तेमाल करने या किसी ऑनलाइन काम के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह समस्या सालों से बनी हुई है और बार-बार शिकायत के बाद भी अब तक नेटवर्क का कोई पक्का इंतजाम नहीं हो सका है.
सिग्नल न मिलने से परेशान होते हैं ग्रामीण
गांव के ज्यादातर हिस्सों में मोबाइल सिग्नल नहीं मिलते, जिससे लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट जाता है. स्थिति यह है कि जरूरी फोन करने या सुनने के लिए ग्रामीणों को ऊंचे पहाड़ों, खेतों या गांव से बाहर उन जगहों पर जाना पड़ता है जहां किसी कंपनी का नेटवर्क मिल सके.
इमरजेंसी में होती है समस्या
गांव वालों के मुताबिक, नेटवर्क न होना सबसे बड़ी समस्या तब बनता है जब किसी को तुरंत इलाज की जरूरत होती है. किसी के अचानक बीमार होने, दुर्घटना होने या किसी भी इमरजेंसी में समय पर एम्बुलेंस या डॉक्टरों से संपर्क नहीं हो पाता. फोन लगाने के लिए लोगों को नेटवर्क ढूंढते हुए गांव से बाहर भागना पड़ता है, जिससे इलाज में बहुत कीमती समय बर्बाद हो जाता है.
मोबाइल टावर लगाने की मांग
गांव वालों ने सरकार और मोबाइल कंपनियों से गांव में टावर लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि जब आस-पास के इलाकों में नेटवर्क आता है, तो मनौरा गांव को इससे दूर क्यों रखा जा रहा है. लोगों का मानना है कि सिर्फ एक मोबाइल टावर लगने से हजारों ग्रामीणों की मुसीबत खत्म हो जाएगी और उनका गांव भी डिजिटल दुनिया से जुड़ सकेगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि अधिकारी उनकी इस परेशानी को गंभीरता से लेंगे और जल्द ही कोई कदम उठाएंगे ताकि उन्हें भी अच्छी फोन और इंटरनेट सुविधा मिल सके.