मऊगंज में एफटीके किट से पेयजल की जांच, ग्रामीणों ने सीखा पानी की टेस्टिंग का तरीका

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और आमजन की साझेदारी से ही प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकता है.
Drinking water was tested with FTK kit in Mauganj.

मऊगंज में एफटीके किट से पेयजल की जांच की गई.

MP News: मऊगंज जिले में बरसात के मौसम में दूषित पेयजल से फैलने वाली बीमारियों की आशंका के बीच मऊगंज जिला प्रशासन ने सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है. कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में जल गुणवत्ता परीक्षण और जनजागरूकता अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में ग्राम पंचायत अमीरिती के ग्राम राजगत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

ग्रामीणों ने सीखा पानी की जांच का तरीका

कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम की महिलाओं, सरपंच, रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया. विशेषज्ञों ने एफटीके किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और उपस्थित ग्रामीणों को स्वयं जल परीक्षण करने का प्रशिक्षण दिया. इस पहल का उद्देश्य गांवों को जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके.

जलजनित बीमारियों से बचाव का दिया संदेश

प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, घरेलू स्तर पर पानी को सुरक्षित रखने, जल संरक्षण तथा दूषित पानी से होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, हैजा और टाइफाइड से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ पेयजल ही स्वस्थ समाज की सबसे मजबूत नींव है.

सामुदायिक भागीदारी से मिलेगा हर घर तक सुरक्षित पानी

कार्यक्रम में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र के सभी पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी करें और अगर पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई दे तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें. अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और आमजन की साझेदारी से ही प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकता है.

स्वस्थ गांव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

जिला प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जब गांव का प्रत्येक नागरिक जल सुरक्षा के प्रति जागरूक होगा और स्वयं जल स्रोतों की निगरानी करेगा, तभी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. ग्राम राजगत में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी सोच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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