‘पहले रेस्क्यू करते तो नहीं जाती जान…’, मखना हाथी की मौत पर भड़के पूर्व विधायक बोले- 6 महीने से घूम रहे थे हाथी
सुखेंद्र सिंह बन्ना (कांग्रेस पूर्व विधायक)
Mauganj News: मऊगंज के मलकपुर में करंट की चपेट में आने से मखना हाथी की मौत के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. सोमवार को पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने घटनास्थल पर धरना दिया. बन्ना ने कहा कि हाथियों का जोड़ा करीब 6 महीने से क्षेत्र में घूम रहा था. यदि समय रहते दोनों हाथियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया जाता तो मखना हाथी की जान बचाई जा सकती थी.
किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया
बन्ना ने कहा कि इस दौरान हाथियों ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया और कई लोगों के घरों को भी नुकसान हुआ. इसके बावजूद ग्रामीणों ने प्रशासन का सहयोग किया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वन विभाग को 6 महीने से हाथियों की मौजूदगी की जानकारी थी, तो उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की गई.
जानकारी के बाद भी करंट से मर गया हाथी
पूर्व विधायक ने कहा, जब अधिकारियों को जानकारी थी, इसके बावजूद हाथी करंट से मर गया तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की.
इधर, डीएफओ रीवा लोकेश निरापुर ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया है और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया. दूसरे हाथी के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ और संजय टाइगर रिजर्व की टीमें पहुंची हैं. पूरी सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाएगा.
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