MP News: भोपाल मास्टर प्लान में देरी पर विधानसभा में घमासान; जयवर्धन सिंह के आरोप, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया जवाब
जयवर्धन सिंह और कैलाश विजयवर्गीय(File Photo)
MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए. कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने मास्टर प्लान जारी होने में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका खामियाजा शहर के हर नागरिक और व्यापारी को भुगतना पड़ रहा है.
जयवर्धन सिंह ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा
जयवर्धन सिंह ने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान लगभग 20 वर्षों से लंबित है. समय पर मास्टर प्लान जारी न होने से शहर का विकास अव्यवस्थित तरीके से हो रहा है, जिससे यातायात, आवास, व्यावसायिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण 22 करोड़ रुपये का टेंडर बढ़कर 72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है.
स्वच्छता के मुद्दे पर भी जयवर्धन ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि इंदौर स्वच्छता अभियान में देश में अग्रणी है, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में स्वच्छता के लिए आवंटित राशि खर्च नहीं हो पा रही. उन्होंने पूरे प्रदेश में ‘इंदौर मॉडल’ लागू करने की मांग करते हुए कहा कि विकेंद्रीकरण, घर-घर कचरा संग्रहण और वैज्ञानिक निष्पादन की व्यवस्था से सभी शहरों को साफ-सुथरा बनाया जा सकता है. जयवर्धन ने अंतरराष्ट्रीय बैंकों के साथ साझेदारी कर मॉडल सिटी की अवधारणा पर काम करने का सुझाव भी दिया.
मेट्रो की सफलता का बताया मंत्री ने राज
मेट्रो परियोजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो तभी सफल होगी, जब उसे अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाएगा. विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नया मास्टर प्लान डेढ़ वर्ष पहले ही तैयार कर लिया गया है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसे शीघ्र जारी करेंगे. उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए तकनीक आधारित और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है.
GIS मैपिंग के जरिए हो रहा सर्वे
विजयवर्गीय ने बताया कि भोपाल और इंदौर में टीडीआर प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप की अवधारणा पर भी काम चल रहा है, ताकि अमेरिका और इंग्लैंड की तर्ज पर आधुनिक शहरी ढांचा विकसित किया जा सके. मंत्री ने कहा कि 2000 वर्गफुट तक के मकानों के नक्शों को 24 घंटे के भीतर “डिम्ड परमिशन” देने की व्यवस्था लागू की गई है. जीआईएस मैपिंग के माध्यम से शहरों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है.
निकायों को मिलेगा 750 करोड़ का विशेष फंड
विजयवर्गीय ने नगर निगमों को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जो निकाय बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें 750 करोड़ रुपये के विशेष फंड से प्रोत्साहन दिया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा 952 ईवी बसें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू हो चुकी है और इसके लिए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट प्रस्तावित है.
हंगामे के बीच स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही
चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. अंततः अध्यक्ष ने दिनभर की कार्यवाही स्थगित करते हुए सदन को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
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