Damoh: दमोह में फिर पेपर लीक? तेंदूखेड़ा में शिक्षा विभाग की लापरवाही आई सामने

Damoh: त्रैमासिक परीक्षा 2026 के तहत कक्षा 9वीं का विज्ञान और कक्षा 10वीं का सामाजिक विज्ञान का पेपर 18 सितंबर को पूरे जिले में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना था. यह कार्यक्रम जिला परीक्षा प्रभारी मनीष कुमार नेमा ने निर्धारित किया था. लेकिन सर्रा हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से सामने आए आरोपों के मुताबिक स्कूल में दोनों कक्षाओं की परीक्षा 16 सितंबर को ही करा दी गई.
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Damoh: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. तेंदूखेड़ा विकासखंड के सर्रा हायर सेकेंडरी स्कूल में त्रैमासिक परीक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. जिस पेपर की परीक्षा 18 सितंबर को होनी थी, वह कथित तौर पर दो दिन पहले यानी 16 सितंबर को ही करा दी गई.

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक त्रैमासिक परीक्षा 2026 के तहत कक्षा 9वीं का विज्ञान और कक्षा 10वीं का सामाजिक विज्ञान का पेपर 18 सितंबर को पूरे जिले में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना था. यह कार्यक्रम जिला परीक्षा प्रभारी मनीष कुमार नेमा ने निर्धारित किया था. लेकिन सर्रा हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से सामने आए आरोपों के मुताबिक स्कूल में दोनों कक्षाओं की परीक्षा 16 सितंबर को ही करा दी गई.

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि सामने आए प्रश्नपत्र पर सर्रा हायर सेकेंडरी स्कूल की सील और डाइस कोड – 23120509909 अंकित होने की बात सामने आई है. प्रश्नपत्र की फोटो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अब परीक्षा की गोपनीयता और पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पेपर पहले आया कहां से?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर परीक्षा की निर्धारित तारीख 18 सितंबर थी, तो निर्धारित तारीख से दो दिन पहले 16 सितंबर को प्रश्नपत्र स्कूल तक कैसे पहुंचा? क्या स्कूल प्रबंधन को परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी? या फिर निर्धारित कार्यक्रम की अनदेखी करते हुए जानबूझकर परीक्षा पहले करा दी गई? और सबसे बड़ा सवाल क्या जिले के अन्य स्कूलों में 18 सितंबर को होने वाली परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र किसी और तरीके से बाहर पहुंचा? इन सवालों का जवाब अब शिक्षा विभाग की जांच से ही सामने आएगा.

2023 में भी पेपर लीक से हिल चुका है दमोह

जिले में परीक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले वर्ष 2023 में तेंदूखेड़ा विकासखंड के अंतर्गत सैलवाड़ा हायर सेकंडरी स्कूल से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आया था. उस मामले में कलेक्टर के निर्देश पर तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी.के. डोंगरे ने 8 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई थी.

चर्चा है कि सैलवाड़ा पेपर लीक मामले के आरोपी ही सर्रा स्कूल में परीक्षा करवा रहे थे. तीन साल बाद एक बार फिर परीक्षा से जुड़ा मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. तेंदूखेड़ा एसडीएम सी.जी. गोस्वामी ने मामले की पुष्टि की है.

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