MP Weather: भीषण गर्मी से सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर पिघला डामर, जिले में 44 डिग्री पहुंचा तापमान, अस्पतालों में बने हीट स्ट्रोक यूनिट
भीषण गर्मी से सीहोर में सड़क का डामर पिघला
MP Weather: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौरा जारी है. ऐसे में प्रदेश का सीहोर जिला गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के कारण राजस्थान की तेज गर्मी की तरह जल रहा है. जिले का तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
जिले में 44 डिग्री पहुंचा तापमान
मंगलवार को भीषण गर्मी और लू के चलते सीहोर-श्यामपुर रास्ते पर सड़क का डामर पिघलना शुरू हो गया. अप्रैल महीने में पिछले दो दिनों से तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है. जिले में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है. तापमान के बढ़ने से गर्मी ने कई सालों के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए.
ऐसे में मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने लू और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है और जिले के सभी अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट’ और ओआरएस (ORS) कॉर्नर को स्थापित कर दिए गया है.
अप्रैल में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड
सीहोर जिले में इस साल अप्रैल माह में ही गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अभी के तापमान से पहले 23 मई 2024 को सीहोर जिले में सबसे अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था. वहीं अप्रैल के महीने में ऐसी भीषण गर्मी इससे पहले कभी रिकॉर्ड नहीं की गई. तेज धूप के कारण दोपहर के समय शहर की अधिकांश सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं. जरुरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने अलर्ट जारी किया है. उन्होंने जिले में स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारियों, अधिकारियों को सतत निगरानी और उपचार करने के निर्देश दिए हैं. मरीजों को बेहतर इलाज मिले, इसके लिए अस्पतालों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों का अभ्यास भी कराया जा रहा है.
अस्पातल में मरीजों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था
वहीं स्वास्थ्य संस्थाओं और अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों में लू के लक्षणों की तुरंत जांच करने निर्देश दिए गए हैं. अस्पातल के वार्डों में मरीजों के लिए ठंडे पानी और पंखों की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, तेज धूप में ज्यादा समय तक रहना लू लगने का मुख्य कारण हो सकता है. लू के कारण शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित हो सकता है.
इस भीषण गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए सभी संस्थाओं में पर्याप्त दवाइंया उपलब्ध कराई गई है, इसके साथ ही (ORS) के काॅर्नर भी स्थापित किए गए हैं.
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