MP News: एमपी में PCCF हाफ की नियुक्ति का मामला, IFS एचयू खान के नाम पर नहीं बन पाई सहमति, सीएम करेंगे फैसला
मध्य प्रदेश वन विभाग
MP News: मध्य प्रदेश के वन महकमे के मुखिया के पद पर सहमति नहीं बन पाई है. प्रदेश के इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि वन बल प्रमुख के पद पर डीपीसी में फैसला नहीं हो सका है. तीन अधिकारियों के नामों का पैनल बनाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद प्रदेश का अगला वन बल प्रमुख का फैसला सीएम करेंगे. मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में शनिवार को दोपहर 3 बजे के बाद बल वल प्रमुख के चयन के लिए बैठक हुई.
अधिकारियों ने सीएम को भेजा प्रस्ताव
बैठक में मुख्य सचिव जैन के अलावा वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, वर्तमान वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े के अलावा भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में हरियाणा के वन बल प्रमुख विनीत कुमार, भी मौजूद रहे. 91 बैच के मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक शुभ रंजन सेन के नाम का पैनल बनाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को फैसला करने का प्रस्ताव भेज दिया है. पैनल भेजने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि शुभरंजन सेन खान बनते तो उनका कार्यकाल 5 महीने और उसके बाद ठाकुर का कार्यकाल 7 महीने होगा.
यदि मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक शुभरंजन सेन बनते हैं तो उनका कार्यकाल अप्रैल र 2028 तक रहेगा. हालांकि यह तर्क बेमानी इसलिए लगता है कि इसके वन बल प्रमुख बने थे एके पाटिल, जिनका कार्यकाल महज एक महीने था. वर्तमान वन बल प्रमुख अंबाड़े का कार्यकाल भी सात महीने का ही है. वह 28 फरवरी को सेवानिवृत हो जाएंगे.
कुमार गर्ग वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए
बैठक में वरिष्ठता कम मेरिट के आधार पर सहमति नहीं बन पाई. सूत्रों का कहना है कि पहली बार एक लॉबी विशेष के दबाव में डीपीसी की बैठक में वन बल प्रमुख का चयन नहीं हो सका है. बताया जा रहा है कि 89 बैच के आईएफएस एवं वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान, 90 बैच के आईएफएस एवं पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार विभाष कुमार ठाकुर में फैसला लेना है.
ये भी पढे़ं- पॉक्सो मामलों में पुलिस मुख्यालय की सख्ती, रेप के मामले में DNA टेस्ट नहीं हुआ तो कार्रवाई तय, ADG ने दिया आदेश