नबी की शान में गुस्ताखी की, मोदी भी…’, महामंडलेश्वर सुमिनानंद महाराज को जान से मारने की धमकी
महामंडलेश्वर सुमिनानंद महाराज को जान से मारने की धमकी.
Ujjain News: अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर सुमिनानंद महाराज को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है. धमकी भरे पत्र में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें हत्या की धमकी दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराज ने उज्जैन पुलिस अधीक्षक (SP) को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजकर सुरक्षा की मांग की है.
धमकी भरे पत्र में क्या लिखा है?
महाराज को मिले पत्र में लिखा गया, ‘अब पानी सिर के ऊपर जा रहा है. बार-बार मना करने पर भी आदत से बाज नहीं आ रहे. मुसलसल हमारे प्यारे नबी की शान में गुस्ताखी कर रहे हो. कन्हैया लाल के कत्ल का वीडियो देखो. अब तुम्हारी बारी है. जहन्नुम में जाओग. तुम्हारा मोदी और मोहन कोई बचा नहीं पाएगा. इंशाअल्लाह, बच सको तो बचो.’
पत्र में पूर्व में हुई हत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए महाराज को उसी तरह अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है.
‘पहले भी कई बार मिल चुकी हैं धमकियां’
महामंडलेश्वर सुमिनानंद महाराज ने बताया कि पिछले तीन से चार वर्षों से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि इस बार मिला पत्र पहले की तुलना में अधिक गंभीर और खुली हत्या की धमकी वाला है.
महाराज के अनुसार, उन्होंने धमकी मिलने के तुरंत बाद एसपी को पत्र और धमकी की प्रति व्हाट्सएप पर भेज दी. एसपी कार्यालय से पत्र प्राप्त होने की पुष्टि भी कर दी गई है.
दो बार हो चुका है हमला करने का प्रयास
महाराज ने दावा किया कि इससे पहले भी उन पर दो बार हमले जैसे घटनाक्रम हो चुके हैं. एक घटना बड़ौदा क्षेत्र में हुई थी, जहां कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर फायरिंग करने और आश्रम में आकर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी.
दूसरी घटना उनके आश्रम में हुई, जहां संदिग्ध लोग पहुंचे थे. सूचना देने के बाद पुलिस देर से पहुंची और बाद में संदिग्धों को अपने साथ ले गई. उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की शिकायत संबंधित थानों, एसपी और शासन स्तर तक की गई थी, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा की व्यवस्था नहीं हो सकी.
‘सनातन के लिए काम करेंगे तो ऐसी धमकियां मिलती हैं’
महाराज ने कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और घर वापसी जैसे कार्य करते हैं. उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से सनातन धर्म से जुड़ना चाहता है, तो एक साधु होने के नाते उसे वापस जोड़ना उनका दायित्व है.
उन्होंने कहा कि संभव है इसी कारण कुछ लोग नाराज होकर लगातार धमकियां दे रहे हों, हालांकि इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह जांच का विषय है.
सुरक्षा व्यवस्था की मांग की
महामंडलेश्वर ने बताया कि जब भी वे किसी यात्रा पर जाते हैं, प्रशासन को पहले से लिखित स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना देते हैं कि वे किस मार्ग से जाएंगे और कब लौटेंगे, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन उज्जैन में अब तक स्थायी सुरक्षा नहीं दी गई है.
उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.