MP News: फर्जी ड्रग्स केस में फंसे MP पुलिस के अफसर और जवान! राजस्थान में दर्ज हुई 2 टीआई समेत 100 पुलिसवालों पर FIR
फर्जी ड्रग्स केस में पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस
MP News: मध्य प्रदेश पुलिस से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकामे में हड़कप मचा दिया है. राजस्थान में सनसनी फैलाने वाले ड्रग्स मामले में आगर-मालवा पुलिस के दो थाना प्रभारी सहित करीब 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आगर पुलिस ने जिस एनडीपीएस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की ड्रग्स को बरामद करके बड़ी सफलता बताया था, अब उसी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
मामले में राजस्थान के चौमहला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में घटना से जुड़ी जांच रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए है. कोर्ट के आदेश के बाद झालावाड़ जिले के डग थाने में एफआईआर क्रमांक 154/2026 दर्ज की गई. पूरे मामले में आगर कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, तत्कालीन थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, पुलिसकर्मी राखी गुर्जर समेत 6 नामजद और करीब 90 अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरा मामला 28 जनवरी 2026 का है. उस समय आगर-मालवा कोतवानी पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले में डग थाना क्षेत्र स्थित घाटाखेड़ी गांव में बड़ी कार्रवाई की थी, और करीब पांच करोड़ रुपये की मूल्य वाला एमडी ड्रग्स, ड्रग्स में इस्तेमाल होने वाला केमिकल और मशीने बरामद करने का दवा किया था. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. आगर पुलिस की इस कार्रवाई को प्रदेश में बड़ी एनडीपीएस कार्रवाईयों में शामिल बताया गया.
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के परिजनों ने और घाटाखेड़ी के रहने वाले 75 साल के हमीद खान ने पुलिस की इस कार्रवाई को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए चौमहला कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया था. इस मामले में आरोप लगाया गया था कि कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और करीब 100 पुलिसकर्मी गांव पहुंचकर परिजनों को अपने साथ ले गए थे. शिकायतकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी.
कोर्ट ने दिया एफआईआर का आदेश
पूरे मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चौमहला कोर्ट ने मामले में जांच के निर्देश दिए. कोर्ट के आदेश के बाद झालावाड़ के पुलिस उप-अधीक्षक स्तर के पूरे मामले की जांच की गई. जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत होने के बाद कोर्ट ने सभी उपलब्ध डॉक्यूमेंट और तथ्यों का परीक्षण किया और शुरूआती जांच में संज्ञेय अपराध होना पाया गया. इसके बाद कोर्ट ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
कोर्ट के आदेश के बाद राजस्थान के डग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 126(2), 115(2), 131, 201 और 329(4) के तहत मामला दर्ज किया गया. इस पूरे घटना क्रम में दो तत्कालीन थाना प्रभारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर धमकाने, अनूचित कार्रवाई करने और अपने पद का दुरुपयोग करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
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