मंदसौर में स्कूल के नाम पर चल रहा था अवैध मदरसा, केवल मुस्लिम छात्राओं को पढ़ाया जा रहा था, FIR दर्ज करने के निर्देश

Mandsaur News: स्कूल की आड़ में मदरसा संचालित किया जा रहा था. जहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी. गुरुवार को जब मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष यहां पहुंची तो पूरा मामला सामने आया. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि मंदसौर के बादाखेड़ी गांव में निरीक्षण के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है.
Mandsaur Illegal madrasa opened under guise of a school muslim girls were being educated

मंदसौर: स्कूल के नाम पर मदरसे का संचालन, FIR दर्ज करने के निर्देश

Mandsaur News: मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा तीन दिवसीय मंदसौर दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन (गुरुवार, 4 जून) अचानक वे बादाखेड़ी गांव में संचालित हो रहे स्कूल पहुंचीं. जहां बेहद ही चौंकाने वाले खुलासे हुए. यहां स्कूल के नाम से अवैध मदरसे का संचालन किया जा रहा था. रिकॉर्ड बच्चियों से अधिक संख्या यहां मिली. छात्र और छात्राओं दोनों की अनुमति के बावजूद सिर्फ एक ही वर्ग की छात्राओं को पढ़ाया जा रहा था. आयोग ने इसको लेकर शिक्षा विभाग को एफआईआर करने की अनुशंसा की है.

हॉस्टल भी खोला गया था

स्कूल की आड़ में मदरसा संचालित किया जा रहा था. जहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी. गुरुवार को जब मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष यहां पहुंची तो पूरा मामला सामने आया. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि मंदसौर के बादाखेड़ी गांव में निरीक्षण के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. यहां मोइनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम से स्कूल की जगह मदरसे और हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है.

FIR दर्ज करने के निर्देश

बीते वर्ष स्कूल द्वारा छठवीं से आठवीं कक्षा की अनुमति ली गई थी लेकिन बावजूद इसके यहां से आयोग को प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पुस्तकें मिली हैं. इसके साथ ही मौके पर 100 से अधिक बच्चियों का सामान भी मिला है. स्कॉलर रिकॉर्ड में 76 तो वही पोर्टल पर 36 बच्चियों की जानकारी ही दी गई थी. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि, स्कूल की मान्यता तो छात्र और छात्राओं दोनों की है लेकिन यहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी. इसी कारण आयोग ने शिक्षा विभाग को इस पर एफआईआर करने के निर्देश दिए है.

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जिला शिक्षा अधिकारी का क्या कहना है?

मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज का कहना है कि बाल आयोग के अध्यक्ष के साथ वे भी मौके पर पहुंचीं थीं. जहां नियमों के खिलाफ इसका संचालन किया जा रहा था. अवैध रूप से मदरसे का संचालन करने के दौरान बिना अनुमति के हॉस्टल भी चलाया जा रहा था. उन्होंने माना कि, यह स्कूल गोपनीय तरीके से बिना शिक्षा विभाग को सूचित किए संचालित किया जा रहा था. जल्द आगे की कार्रवाई करवाई जाएगी.

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