उज्जैन के बड़नगर मॉक ब्लास्ट का मामला हाई कोर्ट पहुंचा, NIA से जांच कराने की मांग
बड़नगर मॉक ब्लास्ट: मामला हाई कोर्ट पहुंचा, NIA से जांच कराने की मांग
Badnagar Mock Blast: उज्जैन जिले के बड़नगर में 23 जून को मुहर्रम जुलूस के दौरान हुए कथित मॉक ब्लास्ट का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. सामाजिक कार्यकर्ता और हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हरड़िया द्वारा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका लगाई गई है. जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जायेश गुरनानी ने पैरवी की.
NIA से जांच कराने की मांग
सुनवाई के दौरान वकील जायेश गुरनानी ने ये तर्क दिया कि यदि बड़नगर वाली घटना में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के अंतर्गत अपराध बनता है तो वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम 2008 के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आएगा. ऐसी स्थिति में मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से करवाया जाना चाहिए.
जूलूस के दौरान SOP की मांग की गई
जनहित याचिका में घटना की जांच NIA या CBI से कराए जाने की मांग की है. दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा भविष्य में धार्मिक जुलूसों के दौरान इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की मांग की गई है.
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राज्य सरकार को दिया एक हफ्ते का समय
मामले की सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने की. राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी मौजूद रहे. मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने हेतु समय प्रदान करने का अनुरोध किया. कोर्ट ने राज्य सरकार को एक हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा है.