Ujjain: खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक पहुंचे ढेर सारे लंगूर, आपने देखा वायरल हो रहा वीडियो?
उज्जैन
Ujjain: उज्जैन में चल रहे खड़े हनुमान मंदिर विवाद से आज कौन नहीं वाकिफ है.उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर विकास और निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं. इसी क्रम में सवारी मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर के भवन को हटा दिया गया है. हालांकि, मंदिर में विराजित हनुमान जी की प्रतिमा को अब तक सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित नहीं किया जा सका है. इसी बीच खबर आ रही है कि आज मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर पहुंच गए हैं. मंदिर की प्रतिमा को लेकर वायरल वीडियो के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है.
उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक बड़ी संख्या में बंदर नजर आए.
— Sumit Shrivastav (@Shivmay05) September 11, 2026
मंदिर के आसपास वानर सेना देखकर श्रद्धालुओं में उत्साह.
स्थानीय लोगों के मुताबिक,
इलाके में न तो घना जंगल है और न ही ज्यादा पेड़-पौधे, ऐसे में बंदरों का अचानक यहां पहुंचना चर्चा का विषय बन गया #Ujjain… pic.twitter.com/qducxQCzh4
वायरल वीडियो में क्या देखा गया
खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई से जुड़े वीडियोज आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसी बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा गया कि मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर भी मंदिर के पास पहुंच गए. हालांकि खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो और रील वायरल हो रहे हैं.
प्रतिमा को हटाने की कोशिश कर रहा प्रशासन
प्रशासन पिछले पांच दिनों से ज्यादा प्रतिमा को हटाने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रतिमा अपने स्थान पर ही बनी हुई है. फिलहाल प्रतिमा के आसपास टेंट लगाकर पूजा-अर्चना की जा रही है. कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर को हटाने की कार्रवाई की गई. भवन पूरी तरह तोड़े जाने के बाद अब प्रतिमा के विस्थापन की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
पूर्व सीएम ने विवाद में ली एंट्री
बताते चलें भक्तों के साथ-साथ पूर्व सीएम उमा भारती ने भी प्रतिमा को न हटाने की अपील की है. उमा भारती ने सीएम मोहन यादव को एक पत्र लिखा है. पत्र में पूर्व सीएम ने उज्जैन के ‘खड़े हनुमान मंदिर’ के संरक्षण का मुद्दा उठाया है. उन्होंने विकास और आस्था दोनों का संतुलन बनाए रखने की अपील करते हुए, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान भोपाल के कमलापार्क की मस्जिद न हटाने का उदाहरण भी साझा किया है.