Vistaar Education Conclave: अवंतिका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुरेंद्र एन रहमतकर ने कहा- स्किल बेस्ड एजुकेशन विश्वविद्यालयों के लिए चुनौती बन गयी है

Vistaar Education Conclave: वर्तमान समय में क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए प्रोफेसर सुरेंद्र एन रहमतकर ने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन को कई सारे पैमाने पर मूल्यांकित किया जाता है. इसमें मानक है टीचिंग पैडागोगी. पारंपरिक शिक्षा में भारत का अलग ही स्थान है. पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ टेक्निकल पार्ट को साथ में लेते हुए टीचिंग पैडागोगी के बारे में सोचना होगा.
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विस्तार एजुकेशन कॉन्क्लेव

Vistaar Education Conclave: एजुकेशन कॉन्क्लेव में अवंतिका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुरेंद्र एन रहमतकर ने कहा कि हमें विषय दिया गया है कि विश्वविद्यालय का मध्य प्रदेश के विकास में क्या योगदान है. जब हम शिक्षा की बात करते हैं तो सबसे पहले हमें सोचना होता है कि जिस तरह से टेक्निकल ट्रांसफोर्मेशन हो रहे हैं, उसी रफ्तार से शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव हो रहे हैं. हमारे समय में शिक्षा का बेस नॉलेज होता था. अब इसमें ट्रांसफोर्मेशन आ गया है क्योंकि AI ने सबकुछ बदलकर रख दिया है और अब स्किल बेस्ड एजुकेशन आ गया है.

अवंतिका यूनिवर्सिटी का क्वालिटी एजुकेशन पर जोर

सुरेंद्र एन रहमतकर ने बताया कि स्किल बेस्ड एजुकेशन विश्वविद्यालयों के लिए चुनौती बन गया है कि इसे किस तरह से अप्लाई किया जाए. इसमें सबसे पहलू सामने आता है, शिक्षा की गुणवत्ता. क्वालिटी ऑफ एजुकेशन अवंतिका यूनिवर्सिटी की कमेटमेंट है. उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले आपको अवंतिका यूनिवर्सिटी के बारे में बता दूं कि ये उज्जैन में स्थित है. इसे MIT ग्रुप पुणे ने स्थापित किया है. MIT ग्रुप के पास पिछले 40 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है. हमें जो विरासत में मिला है उसे हम अप्लाई कर रहे हैं. हम क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए कटिबद्ध हैं.

टीचिंग पैडागोगी के बारे में सोचना होगा

वर्तमान समय में क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए प्रोफेसर सुरेंद्र एन रहमतकर ने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन को कई सारे पैमाने पर मूल्यांकित किया जाता है. इसमें मानक है टीचिंग पैडागोगी. पारंपरिक शिक्षा में भारत का अलग ही स्थान है. पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ टेक्निकल पार्ट को साथ में लेते हुए टीचिंग पैडागोगी के बारे में सोचना होगा. इंजीनियरिंग, मीडिया, मैनेजमेंट किसी भी शिक्षा का क्षेत्र देख लीजिए इसमें यदि तकनीक को शामिल नहीं करते तो शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा.

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उन्होंने आगे कहा कि अवंतिका यूनिवर्सिटी भारत का पहला विश्वविद्यालय है जो इस तरह डिजाइन किया गया है जो इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करके अप्लाई किया गया. आज टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से विकसित हो रही है और चीजें बदल रही हैं. सारी टेक्नोलॉजी बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं. इसका उपाय ये है कि हमारा कंपनी से स्ट्रॉन्ग टाइअप हो. हमारा HCL, सिस्को, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, रेडहेट से टाइअप है जो हमें टेक्निकल सपोर्ट देते हैं.

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