Shani Gochar 2027: 241 दिनों तक देनी होगी कड़ी परीक्षा! 3 राशियों पर शनि भारी
ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है. शनि की चाल बाकी ग्रहों की तुलना में धीमी होती है, इसलिए राशि परिवर्तन का असर भी लंबे समय तक रहने की मान्यता है. इस समय शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और वक्री अवस्था में हैं. अब शनि के अगले राशि परिवर्तन में कुछ महीने बाकी हैं.
Written By : प्रतीक चौहान
Updated: October 05, 2026 04:28 PM IST
Shani Gochar 2027: शनि इस समय मीन राशि में हैं और अपनी वक्री चाल में चल रहे हैं. शनि 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे.
इसके बाद अगले साल 3 जून 2027 को शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. यानी शनि के राशि परिवर्तन में अब करीब 241 दिन बाकी हैं.
इस दौरान मीन राशि समेत कुछ राशियों के जातकों को कामकाज, धन और निजी जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है.
ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है. शनि की चाल धीमी होती है और इसका असर लंबे समय तक रहता है. इसलिए शनि के गोचर में होने वाले बदलाव का प्रभाव भी धीरे-धीरे सामने आता है.
मेष राशिः मेष राशि वालों के लिए शनि का अगला गोचर काफी महत्वपूर्ण रहेगा. 3 जून 2027 को शनि आपकी राशि में प्रवेश करेंगे. इससे कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. नौकरी और कारोबार में तुरंत परिणाम पाने की बजाय लगातार मेहनत पर ध्यान देना बेहतर रहेगा.
मीन राशिः मीन राशि वालों के लिए शनि का गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अभी शनि इसी राशि में हैं. 3 जून 2027 के बाद साढ़ेसाती के चरण में बदलाव आएगा और इसका अंतिम चरण शुरू होगा. हालांकि 20 अक्टूबर 2027 को शनि दोबारा मीन राशि में लौट आएंगे. इस दौरान खर्च, करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर सावधानी रखना बेहतर रहेगा.
कुंभ राशिः कुंभ राशि वालों को 3 जून 2027 को शनि के मेष में जाने से बड़ी राहत मिलने की स्थिति बनेगी. शनि के राशि परिवर्तन के साथ कुंभ राशि से साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त होने की मान्यता है. हालांकि यह राहत लंबे समय तक नहीं रहेगी.
20 अक्टूबर को शनि के वापस मीन राशि में आने से साढ़ेसाती का अंतिम चरण फिर सक्रिय हो जाएगा. इसलिए कुंभ राशि वालों को 2027 में शनि की दोनों चालों पर ध्यान देना होगा.