ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है. शनि की चाल बाकी ग्रहों की तुलना में धीमी होती है, इसलिए राशि परिवर्तन का असर भी लंबे समय तक रहने की मान्यता है. इस समय शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और वक्री अवस्था में हैं. अब शनि के अगले राशि परिवर्तन में कुछ महीने बाकी हैं.
Sharadiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है. इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और 19 अक्टूबर तक चलेगी. इस दौरान पहले दिन मां शैलपुत्री से लेकर नौवें दिन मां सिद्धिदात्री तक नवदुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाएगी. आइए जानते हैं नवरात्रि के नौ दिनों में किस दिन किस देवी की पूजा होगी.
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश उत्सव को लेकर देशभर में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है. कुछ ही दिनों बाद गणपति बप्पा विराजने वाले हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, दिन सोमवार को है. हिंदू परिवार इस गणेश फेस्टिवल को बड़े ही उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ मनाते हैं. गणेश चतुर्थी का यह पवित्र त्योहार वैसे तो देशभर में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन दक्षिण और पश्चिमी इलाकों में गणेश जी की पूजा विशेष रूप से की जाती है. भक्त इस दिन भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा-अर्चना कर उनकी उपासना करते हैं. गणेश चतुर्थी का त्योहार हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस खास दिन भक्त अपने घरों और मूर्ति स्थापना वाले स्थलों को फूल-मालाओं से सजाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन कुछ ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
Ganesh Chaturthi 2026 Date: हिंदू धर्म में त्योहारों का बहुत महत्व होता है. हर महीने कोई न कोई त्योहार जरूर आता है, जिसे हिंदू परिवार बड़े ही श्रद्धा और भाव के साथ मनाते हैं. इसी तरह सितंबर के इस महीने में भी कई बड़े त्योहार हैं, जिनका अपना विशेष महत्व है. कल 4 सितंबर को देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. इस बीच अब भक्तगण बप्पा के आगमन की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं. गणेश चतुर्थी के इस पावन पर्व को देश-विदेश में रहने वाले हिंदू परिवार बड़े ही उत्साह और खुशियों के साथ मनाते हैं. गणेश चतुर्थी का यह त्योहार भारत के उत्तरी और दक्षिणी दोनों ही इलाकों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि इस साल गणेश चतुर्थी का यह पवित्र त्योहार कब मनाया जाएगा.
One Day Later Festival Celebration: आज देशभर में बड़े ही धूमधाम से श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. भक्त लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी उपासना कर रहे हैं. जन्माष्टमी के इस पावन त्योहार पर आज हर हिंदू परिवार में खुशी का माहौल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं वाली भूमि नंदगांव में जन्माष्टमी का त्योहार आज नहीं बल्कि कल मनाया जाएगा. हर साल जहां जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है, वहीं दूसरी तरफ सदियों से नंदगांव में एक दिन बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों एक दिन बाद नंदगांव में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है और इसके पीछे क्या मान्यता है.
Janmashtami Home Items: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मध्यरात्रि में बाल गोपाल की पूजा-अर्चना करके उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं. जन्माष्टमी को लेकर घरों में कई दिन पहले से तैयारियों शुरू हो जाती हैं. अगर आप भी इस बार कान्हा के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा की सामग्री के साथ कुछ ऐसी वस्तुएं घर ला सकते हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति भाव मजबूत होता है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी से पहले किन 5 चीजों की घर लाना शुभ माना जाता है.
Essential Puja Avoidable Mistakes: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही खास माना जाता है. इस साल लड्डू गोपाल को समर्पित यह पर्व 4 सितंबर 2026 को देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. पिछले कई दिनों से श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार को लेकर हिंदू परिवारों में जश्न का माहौल है. इस पवित्र दिन को भक्त शुभ मुहूर्त में श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर सच्चे मन और श्रद्धा से उनका उपवास रखते हैं। हर कोई कान्हा से आशीर्वाद पाने के लिए उनकी प्रार्थना करता है. वहीं अगर जन्माष्टमी के दौरान कोई भी व्यक्ति कुछ ऐसे काम करता है, जिन्हें शास्त्रों में करने की मनाही है त ऐसा करने से भगवान श्री कृष्ण अप्रसन्न होंगे और साथ में घर से सुख-शांति, चैन और समृद्धि भी जा सकती है. आइए जानते हैं कि इस पवित्र त्योहार पर कौन से काम नहीं करने चाहिए.
World's tallest Shivling in Kashi: हिंदू धर्म ग्रंथों में भगवान भोलेनाथ को सृष्टि के मालिक के रूप में बताया गया है. देश के कोने-कोने में भगवान शिव की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित हैं. वहीं वाराणसी एक ऐसा शहर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा हुआ है. शास्त्रों में भी यह बताया गया है कि काशी के कण-कण में भगवान शंकर विराजमान हैं और यहां इतने शिवलिंग हैं, जिनकी गिनती कभी नहीं की जा सकती. अब काशी शहर में एक और शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा. जानकारी के अनुसार, इस शिवलिंग को बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से जगह का चयन भी कर लिया गया है. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि भगवान शंकर का यह सबसे बड़ा शिवलिंग केवल 9 से 10 महीने के अंदर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालु और पर्यटक दोनों इस स्थान पर जाकर दर्शन कर सकेंगे.
Chaitra Navratri 2026: साल 2026 की चैत्र नवरात्रि का पावन महीना शुरू हो चुका है, जो पूरे नौ दिनों तक यानी 27 मार्च तक रहेगा. इस दौरान पूरे देश भर में बड़े धूमधाम से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है. इन पवित्र दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग दिनों में उपासना की जाती है. नवरात्रि शुरू होते ही कुछ भक्त माता की अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लेते हैं और इसकी बड़ी सावधानी से देखरेख करते हैं. लेकिन किसी कारणवश यदि यह ज्योति बुझ जाती है, तो भक्त चिंता में पड़ जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि अखंड ज्योति बुझने पर कौन से उपाय करें, जिससे माता रानी की कृपा बनी रहे.
Falgun Purnima 2026: पूर्णिमा महीने का आखिरी दिन होता है, लेकिन इस बार फाल्गुन पूर्णिमा की तारीख को लेकर उलझन बनी हुई है. इसकी मुख्य वजह यह है कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है और अगले ही दिन 4 मार्च को होली मनाई जाएगी. इन अलग-अलग खगोलीय और धार्मिक घटनाओं के कारण लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा का उपवास असल में किस दिन रखा जाना चाहिए.