UPI Rule: अब नहीं होगा ये ट्रांजैक्शन, बदलने जा रहा यूपीआई का नियम, इस तारीख से होगा लागू
सरकार UPI धोखाधड़ी रोकने के लिए नया कदम उठा सकती है. NPCI 31 अक्टूबर से प्राप्तकर्ता द्वारा शुरू किए जाने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ‘पुल’ ट्रांजैक्शन बंद करेगा. यह फैसले की सूचना बैंकों और फिनटेक कंपनियों को दी जा चुकी है.
सरकार UPI धोखाधड़ी रोकने के लिए नया कदम उठा सकती है.
NPCI 31 अक्टूबर से प्राप्तकर्ता द्वारा शुरू किए जाने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ‘पुल’ ट्रांजैक्शन बंद करेगा.
P2P पुल ट्रांजैक्शन यूपीआई ट्रांजैक्शन का केवल 3% हिस्सा है, इसलिए इसे बंद करना आसान है.
पुल ट्रांजैक्शन में पेमेंट सेंडर के बजाय रिसीपेंट रिक्वेस्ट भेजता है, जिसे सेंडर यूपीआई पिन डालकर अप्रूव करता है.
धोखेबाज इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर लोगों को ठग रहे हैं, खासकर रिफंड या पेमेंट के बहाने.
अकसर धोखेबाज व्यापारी या सर्विस प्रोवाइडर बनकर कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं.
जल्दबाजी या जानकारी की कमी से लोग रिक्वेस्ट अप्रूव कर देते हैं, जिससे पैसा धोखेबाज के अकाउंट में चला जाता है.
शुरुआत में यह सुविधा दोस्तों के बीच बिल बांटने जैसे कामों के लिए डिजाइन की गई थी, लेकिन अब इसमें धोखाधड़ी बढ़ने लगी है.