गगनयान की ओर ISRO का एक और बड़ा कदम, डीसेलेरेशन सिस्टम का किया सफल परीक्षण
Gaganyan: इसरो ने गगनयान मिशन की तैयारी तेज कर दी है और पैराशूट आधारित डीसेलेरेशन सिस्टम का सफल परीक्षण किया. भविष्य की योजनाओं में 2027 तक मानवयुक्त उड़ान, 2028 तक चंद्रयान-4 और शुक्र मिशन, 2035 तक "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" तथा 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय भेजने का लक्ष्य शामिल है.
इसरो ने गगनयान मिशन की तैयारी तेज कर दी है और पैराशूट आधारित डीसेलेरेशन सिस्टम का सफल परीक्षण किया.
एयर ड्रॉप टेस्ट में भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ, नौसेना और तटरक्षक बल ने इसरो की मदद की.
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है.
मिशन के तहत चार भारतीय अंतरिक्ष यात्री 400 किलोमीटर की निचली कक्षा में भेजे जाएंगे.
पहला चरण मानव रहित उड़ान का होगा, जिसमें "व्योममित्रा" नामक रोबोट को भेजा जाएगा.
गगनयान मिशन की अवधि तीन दिन होगी और अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित पृथ्वी पर लौटाया जाएगा.
इसरो ने सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम (एसएमपीएस) का काम पूरा कर लिया है, जो दो तरह के ईंधन से चलता है.
यह सिस्टम रॉकेट की दिशा, गति और सुरक्षा सुनिश्चित करता है तथा आपात स्थिति में मिशन रोकने में मदद करता है