कितना खास है पुतिन का ‘डिकॉय फ्लाइट’? BRICS समिट के लिए पहुंचे दिल्ली
Putin Decoy Flight Delhi: विश्व के सबसे बड़े आयोजनों में से एक BRICS 2026 का आयोजन भारत में होने जा रहा है. वैश्विक स्तर के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश-विदेश से मेहमान पहुंच रहे हैं. राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने खास रक्षा कवच विमान से दिल्ली पहुंच चुके हैं. व्लादिमीर पुतिन के एयरक्राफ्ट की सुरक्षा की चर्चाएं विश्व भर में हो रही हैं. इस बार रूसी राष्ट्रपति हूबहू एक जैसे दो एयरक्राफ्ट्स के साथ दिल्ली पहुंचे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं व्लादिमीर पुतिन के प्लेन की खासियतों के बारे में.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा के लिए उनके काफिले में एक जैसे दो IL-96-300PU विमान उड़ाए जाते हैं, ताकि यह पता लगाना मुश्किल हो कि पुतिन किस विमान में सवार हैं.
इस तरह की रणनीति को ‘डिकॉय फ्लाइट’ कहा जाता है, जिसमें एक विमान पुतिन को लेकर उड़ता है. जबकि दूसरा विमान सुरक्षा के लिए उसके साथ उड़ाया जाता है.
दोनों विमानों की उड़ान और रडार सिग्नल में बदलाव करके पुतिन के वास्तविक विमान की पहचान छिपाने की कोशिश की जाती है.
पुतिन की सुरक्षा के लिए इस तरह की डिकॉय ड्रिल का इस्तेमाल पहले भी विदेश यात्राओं के दौरान किया जा चुका है.
पुतिन का IL-96-300PU आम यात्री विमान नहीं, बल्कि खास तौर पर राष्ट्रपति की सुरक्षा और कमांड जरूरतों के लिए तैयार किया गया विमान है.
इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और अत्याधुनिक संचार प्रणालियां मौजूद हैं, जिससे राष्ट्रपति उड़ान के दौरान भी अधिकारियों से संपर्क बनाए रख सकते हैं.
इस विमान में मिसाइल हमले से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा प्रणालियां भी लगाई गई हैं.
IL-96-300PU की लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता इसे रूस के राष्ट्रपति के लिए लंबी विदेश यात्राओं के लिहाज से बहुत मतावपूर्ण बनती हैं.