Mrityu Panchak 2026: मृत्यु पंचक में भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं तो बढ़ सकती हैं परेशानियां

Mrityu Panchak 2026: पंचांग के अनुसार, मृत्यु पंचक की शुरुआत 4 जुलाई 2026 (शनिवार) की रात 12:48 बजे से शुरू हो चुकी है. यह अवधि 8 जुलाई 2026 (बुधवार) शाम 4:00 बजे समाप्त होगी. इस दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
Mrityu Panchak 2026

मृत्यु पंचक 2026

Mrityu Panchak 2026: पंचक पांच दिनों की वह अवधि होती है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावधानी से बिताने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इस दौरान लापरवाही करने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस बार 4 जुलाई से मृत्यु पंचक शुरू हो चुका है, जो 8 जुलाई 2026 तक रहेगा. धार्मिक ग्रंथों मुहूर्त चिंतामणि और धर्म सिंधु के अनुसार मृत्यु पंचक को पंचकों में सबसे संवेदनशील माना जाता है. इसलिए इन पांच दिनों में कुछ कामों से बचने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है.

मृत्यु पंचक कब से कब तक

पंचांग के अनुसार, मृत्यु पंचक की शुरुआत 4 जुलाई 2026 (शनिवार) की रात 12:48 बजे से शुरू हो चुकी है. यह अवधि 8 जुलाई 2026 (बुधवार) शाम 4:00 बजे समाप्त होगी. इस दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

क्यों खतरनाक है मृत्यु पंचक

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में मृत्यु पंचक के दौरान किसी व्यक्ति का निधन होना संवेदनशील माना जाता है. ऐसी स्थिति में परिवार की सुख-शांति के लिए अंतिम संस्कार से पहले कुछ विशेष पूजा-पाठ और शांति अनुष्ठान करने की परंपरा है. मान्यता है कि इन उपायों से संभावित दोषों को शांत करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है. इसी वजह से मृत्यु पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि धार्मिक विश्वास के अनुसार ऐसा करने से जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

मृत्यु पंचक में क्या नहीं करना चाहिए

  • मृत्यु पंचक के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे शुभ कार्य करने से बचें.
  • बहुत जरूरी न हो तो दक्षिण दिशा की यात्रा टाल दें.
  • इस समय घर का निर्माण या छत डालने का काम शुरू न करें.
  • जमीन, मकान या दूसरी संपत्ति से जुड़े बड़े फैसले लेने से बचें.

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मृत्यु पंचक में क्या करना चाहिए

  • इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप, व्रत और दान करना शुभ माना जाता है, लेकिन बड़े हवन या धार्मिक अनुष्ठानों से बचने की सलाह दी जाती है.
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि मृत्यु पंचक में किसी व्यक्ति का निधन हो जाए, तो अंतिम संस्कार के समय आटे या कुश के पांच पुतले बनाकर उनका भी संस्कार करने की परंपरा है.

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