Nag Panchami 2026: आज है नाग पंचमी और सावन सोमवार का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और महत्व

Nag Panchami 2026 Sawan Somwar: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सुबह से ही नाग देवता की पूजा-अर्चना करना शुभ बताया गया है. पंचांग के अनुसार, आज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05:51 बजे से लेकर सुबह 08:29 बजे तक रहेगा. हालांकि, आज का पूरा दिन नाग देवता को समर्पित है, इसलिए आप पूरे दिन नाग देवता और शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर सकते हैं.
nag panchmi 2026

नाग पंचमी 2026

Sawan Somwar Nag Panchami Mahasanyog: अगस्त का यह पूरा महीना त्योहारों से भरा पड़ा है. आज सावन महीने का तीसरा सोमवार है और यह और भी ज्यादा खास माना जा रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज 17 अगस्त को नाग पंचमी का त्योहार है. शास्त्रों में सभी त्योहारों की तरह इस त्योहार को भी बहुत ही महत्वपूर्ण और लाभकारी बताया गया है. नाग देवता भगवान भोलेनाथ के गले में आभूषण की तरह सुशोभित होते हैं, इसलिए सावन सोमवार के दिन नाग पंचमी का होना शुभ और भक्तों के लिए लाभकारी बताया गया है. मान्यता है कि आज के दिन शिवलिंग और नाग देवता की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट और दुख दूर होते हैं और महादेव की कृपा बनी रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं नाग पंचमी के शुभ मुहूर्त के बारे में.

नाग पंचमी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सुबह से ही नाग देवता की पूजा-अर्चना करना शुभ बताया गया है. पंचांग के अनुसार, आज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05:51 बजे से लेकर सुबह 08:29 बजे तक रहेगा. हालांकि, आज का पूरा दिन नाग देवता को समर्पित है, इसलिए आप पूरे दिन नाग देवता और शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर सकते हैं. इससे नाग देवता और भगवान शिव की विशेष कृपा मिलेगी.

नाग पंचमी का महत्व

मान्यता है कि आज यानी नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना करने से घर के सभी दुख और कष्ट दूर होते हैं और साथ ही परिवार को सर्प दोष से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा, घर में सुख-शांति और सुरक्षा बनी रहती है. ज्योतिषियों के अनुसार, आज तीसरे सोमवार के दिन शिवलिंग और नाग देवता की एक साथ पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी. बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में इसे राहु-केतु और कालसर्प दोष की शांति के लिए बहुत प्रभावशाली दिन माना गया है.

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पूजा विधि

  • सबसे पहले स्नान कर साफ और स्वच्छ कपड़े पहने.
  • मंदिर या घर पर स्थित शिवलिंग और नाग देवता पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूर, अक्षत और फूल अर्पित करें.
  • शिव पुराण के अनुसार, आज के इस दुर्लभ संयोग के दिन भगवान शिव को नीले रंग का पुष्प जरूर अर्पित करें.
  • नाग देवता के फोटो या मूर्ति पर फूल, अक्षत, धूप-दीप और नैवेद्य चढ़ाएं.
  • इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुनें या पढ़ें. अंतिम में भगवान शिव की आरती करें .
  • इन तरीकों से पूजा-अर्चना करने से म केवल भगवान शिव और नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त होगा, बल्कि आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी होंगी.

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