Raksha Bandhan 2026: भाई को किस दिशा में बैठाकर बांधें राखी? जानें शुभ समय और जरूरी बातें
राखी बांधते समय भाई का मुख किस दिशा में होना चाहिए
Auspicious Direction for Rakhi: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और मजबूत रिश्ते का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहन की हमेशा रक्षा करने और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेते हैं. राखी देखने में भले ही रेशम की एक साधारण डोर हो, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते में इसका खास महत्व होता है. मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त के साथ कुछ जरूरी नियमों और दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए.
भाई का मुंह किस दिशा में होना चाहिए?
राखी बांधते समय भाई को पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठाना शुभ माना जाता है. वहीं बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए. राखी बांधने से पहले बहन भाई के माथे पर रोली और चंदन का तिलक लगाए और उसके बाद अक्षत लगाएं. फिर भाई की आरती उतारकर उसकी कलाई पर राखी बांधें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान रक्षा मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5 बजकर 57 मिनट से राखी बांधने का शुभ समय शुरू होगा और सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इस अवधि को भाई को राखी बांधने के लिए शुभ माना गया है. अगर किसी वजह से बहन इस समय राखी नहीं बांध पाती है, तो अपनी सुविधा के अनुसार बाद में भी भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है.
रक्षाबंधन पर किन बातों का रखें ध्यान?
- कोशिश करें कि भाई को शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधी जाए.
- राखी बांधने से पहले भगवान की पूजा करें और उनका स्मरण करें.
- पूजा के समय घर में दीपक जरूर जलाएं.
- भाई की कलाई पर राखी बांधते समय शुभ मंत्र का जाप किया जा सकता है.
- राखी बंधवाने के बाद भाई अपनी बहन की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लें.
- भाई बहन के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और बहन भी भाई को सुखी और सफल जीवन का आशीर्वाद दे.
- रक्षाबंधन के दिन पूरे परिवार के साथ मिलकर खुशी और प्रेम के साथ त्योहार मनाएं.