कभी चलाया करता था UBER कैब, अब एशियन गेम्स में जीता मेडल, कौन हैं सलमान खान?

Salman Khan: जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.
Salman Khan

सलमान खान

Salman Khan: जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में यह भारत का पहला पदक है. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले सलमान खान की कहानी ने सभी का दिल जीत लिया है. सलमान कभी दिल्ली की सड़कों पर उबर कैब चलाया करते थे, लेकिन अब वह एशियन गेम्स के मेडलिस्ट बन चुके हैं.

कौन हैं सलमान खान?

एशियन गेम्स 2026 में रोइंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले सलमान खान का जन्म अमेठी जिले के पूरे ढिंगई गांव में हुआ. वह अपने 4 भाइयों और 2 बहनों में सबसे बड़े हैं. उनके पिता मोहम्मद कासिम खान हरियाणा के तावडू में ट्रक बॉडी बनाने का काम करते थे. सलमान जब महज 18 साल के थे तभी उन्होंने अपने पिता को खो दिया था. जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी. सलमान भारतीय सेना में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन पिता का साथ छूटने के बाद उनका यह सपना भी पीछे रह गया. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में दिन-रात उबर कैब चलाई और अपने परिवार की आर्थिक मदद की.

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सेना में भर्ती की तैयारी

सलमान जब उबर कैब चलाया करते थे तब उनके एक दोस्त ने उन्हें बताया कि उनकी लंबाई और शारीरिक बनावट सेना में भर्ती के लिए सही साबित ही सकती है. इसके बाद उन्होंने अपनी कैब किसी दूसरे ड्राइवर को सौंप दी. इसके बाद करीब 4 महीने तक उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी की. आर्मी जॉइन करने के लिए उन्होंने भर्ती रैली, मेडिकल और लिखित परीक्षा पास की और इसके बाद 25 सितंबर 2018 को सलमान पुणे के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप में शामिल हो गए.

नेशनल गेम्स में जीत चुके हैं गोल्ड

आर्मी में शामिल होने के बाद ही सलमान कहां की लाइफ में रोइंग की एंट्री हुई. जहां कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा ने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें रोइंग में हाथ आजमाने को कहा. शुरुआत में सलमान को इस खेल में रुचि नहीं थी. पहली इंटर-सेंटर रेगाटा में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. इसके बाद 2021 में एर्गोमीटर बेंचमार्क पार करने के बाद उनका सेलेक्शन आर्मी रोइंग नोड, सीएमई पुणे के लिए हुआ. साल 2022 में सलमान ने गुजरात नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.

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