सौरव गांगुली को जन्मदिन पर ICC का खास तोहफा, मिलेगा क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा सम्मान
सौरव गांगुली
Sourav Ganguly: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आज 8 जुलाई को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर जहां पूरा खेल जगत और क्रिकेट फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं. वहीं, आईसीसी ने गांगुली को उनके जन्मदिन के मौके पर क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा सम्मान देने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरव गांगुली को उनके शानदार और ऐतिहासिक करियर के लिए आईसीसी के ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया जा रहा है.
सौरव गांगुली को सबसे बड़ा सम्मान देगी ICC
भारतीय दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली का नाम भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार है. दादा की कप्तानी में ही भारतीय टेस्ट टीम ने विदेशी सरजमीं पर मैच जितना सीखा. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक आईसीसी अपने हॉल ऑफ फेम में सौरव गांगुली को जगह देने वाली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल उन्हें ये सम्मान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
BREAKING – Sourav Ganguly is set to be inducted in ICC Hall of Fame. 🇮🇳 [Gaurav Gupta] pic.twitter.com/wpU2kahQYv
— Maina Singh (@Maina_Singhx77) July 8, 2026
सम्मान पाने वाले 12वें भारतीय बनेंगे गांगुली
आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में शामिल होते ही सौरव गांगुली इस एलीट क्लब में जगह बनाने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे. इससे पहले कई भारतीय दिग्गजों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में जगह मिल चुकी है. बता दें, पिछले साल भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक एमएस धोनी को आईसीसी ने क्रिकेट का सबसे बड़ा सम्मान देते हुए हॉल ऑफ फेम में जगह दी थी.
सौरव गांगुली क्रिकेट करियर
भारतीय पूर्व कप्तान और दादा के नाम से मशहूर सौरव गांगुली के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 20 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था. साल 2008 में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले गांगुली ने अपने बल्ले से कई बेमिसाल रिकॉर्ड बनाए. अपने इंटरनेशनल करियर में दादा ने 113 टेस्ट मैचों की 188 पारियों में 7212 रन बनाए. इसके अलावा 311 वनडे मैचों की 300 पारियों में उन्होंने 11363 रन बनाए.
वहीं, गांगुली ने 49 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की, जिसमें 21 मैचों में टीम को जीत मिली और 13 में हार का सामना करना पड़ा. जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे. वहीं, 146 वनडे मैचों में उन्होंने भारत की कप्तानी की, जिसमें 76 मैचों में टीम को जीत मिली, जबकि 65 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा.