‘ऐसा कैसे हो सकता है…’, वर्ल्ड कप जिताने के बाद ही हो गए थे बाहर, सू्र्यकुमार यादव ने 3 महीने बाद तोड़ी चुप्पी

टी20 टीम से बाहर हो जाने और कप्तानी हटने के बाद सूर्यकुमार यादव ने अब चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया है कि वह तो सोच रहे थे कि 2028 में और ओलंपिक गेम्स में वह टीम की कप्तानी करेंगे लेकिन....
Suryakumar yadav

भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव

भारतीय टीम को साल 2026 में विश्वकप का खिताब जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को टूर्नामेंट के बाद बहार का रास्ता दिखा दिया गया था, बल्कि भारत की टी20 टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया है. अब सूर्यकुमार यादव ने आखिरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है. सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि आप क्या सोचते है और दूसरा व्यक्ति क्या सोचता है ये दोनों अलग-अलग बातें होती है.

श्रेयस अय्यर को नया टी20 कैप्टन चुना

बीते आयरलैंड और इग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए अजीत अगरकर की अगुआई वाली सेलेक्शन कमिटी ने सूर्यकुमार यादव को नजरअंदाज करते हुए श्रेयस अय्यर को नया टी20 कैप्टन चुना था. सूर्यकुमार यादव के बाहर रखने की वजह उनकी लगातर चल रही खराब बैटिंग फॉर्म थी.

कप्तान के तौर पर पूरे नंबर

हालांकि, कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार यादव ने कोई गलती नहीं की. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत कभी कोई टी20 सीरीज नहीं हारा और आखिरकार घरेलू जमीन पर T20 वर्ल्ड कप जीता. सूर्यकुमार यादव ने पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए इस बारे में बड़ा खुलासा किया.

जब मेरा नाम लिस्ट में नहीं था-सूर्यकुमार यादव

सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘जब मेरा नाम लिस्ट में नहीं था, तो मैं मुस्कुराया, क्योंकि जब मैंने एक-दो साल तक टीम के साथ क्रिकेट खेला है और जब भी मैं खेलता रहा हूं. खासकर दबाव वाली स्थितियों में या जब चीजें मेरे मनमुताबिक नहीं हो रही होती थीं तो मैं हमेशा मुस्कुराता रहा हूं. मैं शांत रहा हूं और मैंने यही देखा है कि अतीत में जब भी मुझे अच्छा करने के मौके मिले, तो मैं हमेशा शुक्रगुजार रहा हूं.’

मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा-सूर्यकुमार यादव

उन्होंने आगे काहा कि ‘जाहिर है, अभी जो हालात बने हैं, मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा. 2026 तक, मुझे लगा था कि मैं इस टीम को अगले दो साल तक आगे ले जाऊंगा. ओलंपिक आएंगे. फिर एक और T20 वर्ल्ड कप होगा, आगे एक और चुनौती होगी, लेकिन साथ ही, आप क्या सोचते हैं और दूसरा व्यक्ति क्या सोचता है, ये दो अलग-अलग बातें हैं. उनके लिए अपनी सोच का सम्मान करना जरूरी है. अगर उन्हें लगा कि आगे बढ़ने के लिए यह बेहतर फैसला है, तो उन्होंने वह फैसला लिया, लेकिन मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि मुझे लगा कि यह उनका फैसला था. उन्होंने उस पल में वह फैसला लिया. आगे चलकर, अगर यह टीम किसी और की कप्तानी में अच्छा कर सकती है, तो कोई समस्या नहीं है.’

यह कैसे मुमकिन है-सूर्यकुमार यादव

सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘मैं सोच रहा था, ऐसा कैसे हो सकता है? यह कैसे मुमकिन है? हमने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता था. हां, IPL वैसा नहीं रहा जैसा मैं चाहता था. हम घर पर बैठे थे. दोस्त आए, परिवार वाले आए. सबने कहा कि कोई बात नहीं. जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन फिर, जब वे घर से चले जाते हैं. हम घर पर अकेले रह जाते हैं.’ वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान ने फिर बताया कि टीम की घोषणा से तीन दिन पहले सेलेक्शन कमिटी ने उनसे संपर्क किया और उन्हें बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उनका नाम टीम में नहीं होगा.

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